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180 लड़कियां, 350 वीडियो... आखिर क्या है अमरावती कांड में मोबाइल से डाउनलोड Video का पूरा सच 

अमरावती के परतवाड़ा वीडियो कांड में पुलिस ने दूसरे आरोपी उजेर खान को भी गिरफ्तार किया है, जिसने मुख्य आरोपी के मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो डाउनलोड कर सोशल मीडिया पर वायरल किए. अब तक आठ पीड़ितों की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है. साइबर टीम डिलीट डेटा रिकवर कर रही है. मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है और SIT जांच की मांग उठ रही है.

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आरोपियों के कई फोटो और वीडियो वायरल हुए हैं (Photo: ITG)
आरोपियों के कई फोटो और वीडियो वायरल हुए हैं (Photo: ITG)

महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा में सामने आया वीडियो कांड लगातार गंभीर होता जा रहा है. शुरुआत में यह मामला कुछ वायरल क्लिप्स तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई नई परतें खुलती जा रही हैं. पुलिस अब इसे सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं मान रही, बल्कि यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था.

इस मामले में पुलिस ने दूसरी बड़ी गिरफ्तारी करते हुए उजेर खान इकबाल खान को पकड़ा है. जांच में सामने आया है कि उसने मुख्य आरोपी अयान अहमद के मोबाइल से वीडियो डाउनलोड किए और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया.  पुलिस के अनुसार, उजेर खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उसे अदालत में पेश किया जा रहा है और पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान उससे कई अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है. अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में यह साफ हो सकता है कि वीडियो कहां बनाए गए, किस-किस तक पहुंचे और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं.

मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तर में 

मुख्य आरोपी अयान अहमद को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. अदालत ने उसे 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेजा है. पुलिस ने उसके मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो जब्त किए हैं. इन वीडियो की जांच की जा रही है और उनमें दिख रही लड़कियों की पहचान करने की कोशिश चल रही है. अभी तक आठ पीड़ितों की पहचान हो चुकी है, जबकि बाकी की पहचान का काम जारी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच बहुत संवेदनशील है. इसलिए पीड़िताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है. महिला पुलिस अधिकारियों को इस काम में लगाया गया है, ताकि पीड़िताएं बिना किसी दबाव के अपनी बात रख सकें. इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि कुछ डेटा डिलीट किया गया था. पुलिस की साइबर टीम अब उसे रिकवर करने की कोशिश कर रही है. माना जा रहा है कि इससे कई और तथ्य सामने आ सकते हैं.

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वीडियो शेयर न करने की अपील 

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस मामले से जुड़े किसी भी वीडियो या फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर न करें. ऐसा करना कानूनन अपराध है और इससे पीड़ितों को और नुकसान हो सकता है. स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. कई जगहों पर लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. कुछ संगठनों ने बंद का ऐलान भी किया है, जिसके चलते पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है.

नेताओं ने उठाए सवाल 

इस मामले ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है. विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं. वहीं सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि जैसे ही मामला सामने आया, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की. इसी बीच आरोपी के कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चा हो रही है. कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपी एक राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ था. हालांकि संबंधित दल के स्थानीय पदाधिकारियों ने कहा है कि आरोपी को संगठन से हटा दिया गया है.

अचलपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. कुछ नेताओं ने एसआईटी गठन की भी बात कही है, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके. परतवाड़ा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी पीड़िता ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन उनसे संपर्क किया जा रहा है. पुलिस ने साफ किया है कि पीड़िताएं किसी भी थाने में ‘जीरो FIR’ दर्ज करा सकती हैं और उनकी पहचान सुरक्षित रखी जाएगी.

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फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी पुलिस कस्टडी रिमांड को माना जा रहा है. जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं. यह भी स्पष्ट हो सकता है कि यह मामला व्यक्तिगत स्तर का था या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित तंत्र काम कर रहा था.

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