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जेल में बच्चे को जन्म ट्रॉमा है...TCS कांड में 'श्री कृष्ण' के उदाहरण पर मिली है निदा खान को जमानत

नासिक के टीसीएस धर्म परिवर्तन मामले में पांच महीने की गर्भवती आरोपी निदा खान को कोर्ट ने जमानत दे दी. अदालत ने कहा कि जेल में बच्चे का जन्म किसी भी महिला के लिए बहुत कठिन स्थिति है और इसकी तुलना भगवान कृष्ण के जन्म से की. कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच में खान पर शिकायतकर्ता का ब्रेनवॉश कर धर्म बदलने की कोशिश का आरोप सामने आया है. पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.

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TCS केस में श्री कृष्ण के उदाहरण पर मिली है निदा को जमानत (Photo: itg)
TCS केस में श्री कृष्ण के उदाहरण पर मिली है निदा को जमानत (Photo: itg)

महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए टीसीएस (TCS) धर्म परिवर्तन मामले में गर्भवती आरोपी निदा खान को इसी सप्ताह जमानत मिल गई है. निदा खान पांच महीने की गर्भवती हैं. जमानत देते समय कोर्ट ने कहा कि जेल में बच्चे का जन्म होना किसी भी महिला और बच्चे के लिए बहुत मुश्किल स्थिति होती है. अदालत ने इसकी तुलना भगवान कृष्ण के जन्म की परिस्थितियों से की.

अदालत ने कहा, 'भगवान कृष्ण की तरह जेल में बच्चे को जन्म देने का ट्रॉमा और उससे जुड़ा सामाजिक कलंक किसी के लिए भी सहने योग्य नहीं है.' स्पेशल जज के.जी. जोशी ने अपने आदेश में कहा कि निदा खान पांच महीने की गर्भवती हैं. ऐसे में जेल में बच्चे का जन्म होने से मां और बच्चे दोनों को परेशानी हो सकती है. इसलिए नए बच्चे की भलाई को देखते हुए अदालत ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए उन्हें जमानत देने का फैसला किया.

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. साथ ही अदालत ने अपने आदेश में यह भी लिखा कि जांच में सामने आया है कि निदा खान ने दूसरे आरोपियों की मदद से शिकायत करने वाली महिला का ब्रेनवॉश करने और उसके विचारों व धर्म को बदलने की कोशिश की.

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कोर्ट के अनुसार, निदा खान के खिलाफ सिर्फ एक मामले में चार्जशीट दाखिल हुई है. यह मामला देवलाली कैंप थाने में दर्ज है. वहीं इस केस के सात अन्य आरोपियों के खिलाफ 26 मार्च से 3 अप्रैल के बीच कुल नौ एफआईआर दर्ज की गई हैं. निदा खान पर आरोप है कि उन्होंने अपनी एक सहकर्मियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाकर उन्हें बुर्का और धार्मिक किताबें दीं. साथ ही उसके मोबाइल फोन में धार्मिक ऐप भी इंस्टॉल किए.

कैसे खुला TCS मामला? 

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई. एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने नासिक पुलिस में शिकायत दी कि एक कंपनी में काम करने वाली हिंदू महिला रमजान के रोजे रख रही है. इसके बाद पुलिस ने गुप्त जांच शुरू की. जांच के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर कंपनी में भेजा गया. उन्होंने अंदर की गतिविधियों पर नजर रखी और सबूत जुटाए. जांच में पुलिस के मुताबिक कुछ टीम लीडर अपने पद का गलत इस्तेमाल कर कर्मचारियों पर धर्म बदलने का दबाव बना रहे थे. इसके बाद सात पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया गया. इनपुट के मुताबिक, निदा खान को भी इस मामले में आरोपी बताया गया है.

 

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