महाराष्ट्र के वर्धा जिले में महिला डॉक्टर पर हाथ उठाने के मामले में विवाद छिड़ गया है. एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल जांच के लिए लाए गए एक शख्स ने महिला डॉक्टर को पुलिसकर्मियों के सामने थप्पड़ मार दिया. घटना के बाद सरकारी डॉक्टरों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.
यह घटना आष्टी तालुका के तलेगांव श्यामजी पंत में बुधवार को हुई. तलेगांव पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र चिकित्सा सेवा व्यक्ति एवं चिकित्सा सेवा संस्थान अधिनियम, 2010 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है.
तलेगांव पुलिस थाने के प्रभारी मंगेश भोयर ने बताया कि आरोपी कादिर अली रज्जाक अली को एर घटना में चोट लगी थी. पांच पुलिसकर्मियों की टीम उसे 21 अक्टूबर को चिकित्सा-कानूनी जांच के लिए तलेगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आई थी. मंगेश भोयर के मुताबिक, जांच के दौरान कादिर अली ने अचानक डॉक्टर श्रद्धा भूमरे को थप्पड़ मार दिया. उस समय पुलिस की टीम भी वहां मौजूद थी.
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आक्रोश में चिकिस्तकों ने किया प्रदर्शन
घटना के विरोध में सरकारी डॉक्टरों ने तलेगांव में प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. डॉक्टरों ने सवाल उठाया कि आरोपी के साथ मौजूद पांच पुलिसकर्मी हमले को क्यों नहीं रोक सके. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 132 के तहत मामला दर्ज किया है. यह धारा किसी सरकारी कर्मचारी को उसका काम करने से रोकने के लिए हमला करने या आपराधिक बल का इस्तेमाल करने से जुड़ी है.
मामले में भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र चिकित्सा सेवा व्यक्ति एवं चिकित्सा सेवा संस्थान अधिनियम, 2010 की अन्य संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है. इससे पहले ठाणे और पालघर जिलों के अस्पतालों में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने डॉक्टरों पर हमला किया था. वर्धा की घटना के बाद डॉक्टरों ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हमला नहीं रुकने पर जवाब मांगा है.