उल्हासनगर में सोमवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर गए कल्याण के बांधकाम व्यवसायी जयराम निहलानी का बंदूक की नोक पर अपहरण कर लिया गया. चार से पांच आरोपियों ने रिवॉल्वर दिखाकर उनका अपहरण किया और बाद में निहलानी के बेटे को फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी. घटना की जानकारी मिलते ही ठाणे जिले की पुलिस ने युद्धस्तर पर जांच शुरू की और कुछ ही घंटों में खडवली रेलवे स्टेशन के पास निहलानी को सुरक्षित बचा लिया. इस मामले में पुलिस ने अनिल जगताप नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके अन्य साथी फरार हैं.
पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 10:45 बजे जयराम निहलानी रोज की तरह उल्हासनगर के गोल मैदान में मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचे थे. वॉक खत्म करने के बाद जब वह मैदान के गेट से बाहर निकले, तभी चार आरोपी उनका इंतजार कर रहे थे. अपनी पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने चेहरे पर रुमाल बांध रखे थे. आरोपियों ने निहलानी को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की. निहलानी ने विरोध किया तो एक आरोपी ने रिवॉल्वर दिखाकर उन्हें धमकाया. इसके बाद उनके सिर पर हमला किया और जबरदस्ती उन्हें स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर आरोपी फरार हो गए.
दिनदहाड़े और रहवासी इलाके में हुई इस वारदात को कुछ नागरिकों ने देख लिया. उन्होंने तुरंत उल्हासनगर पुलिस को इसकी जानकारी दी. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे के निर्देश पर डीसीपी सचिन गोरे ने आठ पुलिस टीमों का गठन किया. इसमें क्राइम ब्रांच की टीम भी शामिल थी. पुलिस ने शहर के विभिन्न रास्तों पर नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू की. पुलिस की घेराबंदी बढ़ती देख आरोपियों ने स्कॉर्पियो छोड़ दी और किसी अज्ञात स्थान पर वाहन बदलकर निहलानी को वैगनआर कार में आगे ले जाने लगे.
पुलिस को मिलती रही घटना की जानकारी
इसी बीच पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों द्वारा किए गए फोन कॉल के आधार पर जांच तेज कर दी. पडघा-टिटवाला मार्ग के एक गांव से गुजरते समय निहलानी को पहचानने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें वैगनआर में जबरन ले जाते हुए देख लिया. उसने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी. इसके बाद पुलिस ने पडघा-टिटवाला मार्ग के गांवों का नेटवर्क सक्रिय किया और स्थानीय ग्रामीणों को निहलानी का फोटो तथा संदिग्ध वाहन की जानकारी दी. जैसे ही संदिग्ध वैगनआर दिखाई दी, ग्रामीणों ने उसका पीछा शुरू कर दिया और लगातार पुलिस को उसकी लोकेशन की जानकारी देते रहे.
आरोपी हिरासत में
पुलिस का घेरा लगातार मजबूत होता देख आरोपी घबरा गए. सोमवार शाम करीब 6:30 बजे आरोपियों ने खडवली रेलवे स्टेशन के पास जयराम निहलानी को छोड़ दिया और फरार होने की कोशिश की. हालांकि पुलिस की टीम समय पर मौके पर पहुंच गई और निहलानी को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया. मौके से पुलिस ने अनिल जगताप नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके अन्य साथी भागने में सफल रहे.
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि निहलानी का अपहरण 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए किया गया था. फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है. अपहरण में इस्तेमाल वाहनों, हथियार और आरोपियों के बीच संपर्क को लेकर भी जांच की जा रही है. इस सनसनीखेज अपहरण की पूरी साजिश में और कौन-कौन शामिल था, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद होने की उम्मीद है.
इस मामले में बात करते हुए उल्हासनगर के डीसीपी सचिन गोरे ने बताया कि, हमने बिल्डर जयराम निहलानी को सुरक्षित बचा लिया है. इसके अलावा एक आरोपी हमारी गिरफ्त में है, बाकी आरोपी फरार हैं. जिनकी तलाश में हमारी पुलिस की टीम काम कर रही है, जल्द ही वह भी पकड़े जाएंगे. इस घटना में 5 आरोपी शामिल होने की भी बात डीसीपी सचिन गोरे ने बताई है.