महाराष्ट्र में राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी जिरवाल से जुड़े कथित वायरल वीडियो विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक व्यक्ति ने अपने ट्रांसजेंडर भाई और सत्ता से जुड़े लोगों के कथित आपत्तिजनक वीडियो का मुद्दा उठाया था. अब खुद पुलिस कार्रवाई का सामना करने का दावा कर रहा है.
व्यक्ति ने आरोप लगाया कि खुलासे के बाद गुरुवार सुबह उसके घर पर पुलिस ने छापेमारी की. उसका कहना है कि उसने अपने भाई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और इसके बाद उसे धमकियां मिलने लगीं, जिससे वह लगातार डर और दबाव में है.
इस मामले में वीडियो के वायरल होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने मंत्री को पद से हटाने की मांग भी उठाई थी, जिससे विवाद और बढ़ गया है.
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सुबह 5 बजे घर पर छापे का दावा
गोरगांव ईस्ट निवासी व्यक्ति ने मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में उसने अज्ञात व्यक्तियों और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवैध घर तलाशी, धमकी और झूठे केस में फंसाने की आशंका जताई है.
उसका आरोप है कि 26 मार्च को सुबह करीब 5 बजे दो वर्दीधारी महिला पुलिसकर्मी और 7–8 अज्ञात लोग उसके घर पहुंचे. उस समय घर में केवल उसकी पत्नी और बच्चे मौजूद थे.
शिकायत के अनुसार, आरोपित लोग बिना वारंट या किसी आधिकारिक अनुमति के घर में दाखिल हुए और उसकी तलाश में पूरे घर की तलाशी ली. इस कार्रवाई से उसके परिवार में भय और मानसिक तनाव पैदा हुआ.
झूठे केस में फंसाने की आशंका
व्यक्ति ने अपनी शिकायत में कहा कि उसे आशंका है कि कुछ लोग बाहरी दबाव में आकर उसे किसी आपराधिक मामले में झूठा फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. उसने अपनी जान और स्वतंत्रता को खतरा बताया है.
उसने पुलिस से सुरक्षा देने और बिना कानूनी प्रक्रिया के किसी भी प्रकार की जबरन या अवैध कार्रवाई न करने के निर्देश जारी करने की मांग की है.
व्यक्ति का कहना है कि उसने अपने ट्रांसजेंडर भाई के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, क्योंकि उसने खुद पर कथित यातना का आरोप लगाया था.
खुलासे के बाद बढ़ा विवाद
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से ही उसे लगातार धमकियां मिलने का दावा किया गया है. उसने कहा कि वह इन घटनाओं के बाद से लगातार छिपकर रह रहा है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है.
यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. शिकायत में उसने निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग करते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की अपील की है.