महाराष्ट्र के भिवंडी में सियासी उलटफेर देखने को मिला, जहां बीजेपी को बड़ा झटका देते हुए उसके बागी नेता नारायण चौधरी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के समर्थन से मेयर चुने गए.
बीजेपी की ऋतु तावड़े मुंबई की 78वीं मेयर चुन लिया गया है. बीएमसी मुख्यालय में हुए चुनाव में उनके साथ शिवसेना के संजय घाडी निर्विरोध डिप्टी मेयर चुने गए हैं. बुधवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नई मेयर ने अपना कार्यभार संभाल लिया है.
महाराष्ट्र के जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनावों में भी बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है. ये जीत भी बीजेपी को महायुति के सहयोगियों के साथ ही मिली है - और लगातार सफलता के साथ बीजेपी ने जीत का महाराष्ट्र मॉडल बना लिया है.
महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति की तिकड़ सियासी तौर पर काफी हिट हो रही है. 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद से बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति एक के बाद एक चुनाव में जीत दर्ज कर रही है. बीजेपी को एक समय शहरी इलाके की पार्टी माना जाता था, लेकिन अब ग्रामीण इलाके में भी अपने जड़े जमाने में कामयाब हो रही.
मालेगांव में इस्लाम पार्टी की शेख नसरीन खालिद मेयर और समाजवादी पार्टी (SP) की शान-ए-हिंद निहाल अहमद डिप्टी मेयर चुन लिया गया है. 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनाव में किसी भी दल का बहुमत नहीं मिला था. इसके बाद इस्लाम पार्टी और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन कर 'मालेगांव सेक्युलर फ्रंट' बनाया, जिसके कांग्रेस ने भी समर्थन दिया.
मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका मेयर पद पर पहली बार भाजपा की रितु तावड़े चुनी गई हैं. वे बीएमसी की वरिष्ठ कॉर्पोरेटर हैं और उनका राजनीतिक सफर 2012 में वार्ड नंबर 127 से शुरू हुआ था. 2017 में वे घाटकोपर के वार्ड नंबर 121 से चुनी गईं. यह पहली बार होगा जब मुंबई के बीएमसी मेयर पद पर भाजपा की महिला मेयर होंगी. रितु तावड़े की इस नियुक्ति से मुंबई की राजनीति में नई दिशा आने की उम्मीद जताई जा रही है.
मुंबई के मेयर का चुनाव 11 फरवरी को होना है और इसके लिए बीजेपी एक्टिव मोड में आ गई है. बीजेपी ने 7 फरवरी को नवनिर्वाचित पार्षदों की मीटिंग बुला ली है.
महाराष्ट्र में मेयर चुनाव को लेकर सियासी घमासान छिड़ा हुआ है. कल्याण और उल्हासनगर में शिंदे के पास अपने दम पर नंबर गेम था, लेकिन बीजेपी को डिप्टी मेयर का पद देकर निर्विरोध चुनाव करा लिया, जिससे नवी मुंबई में दोनों के बीच सियासी तलवारें खिंच गई हैं.
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के बाद अब मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर सियासी दांव चले जा रहे हैं. मालेगांव में बीजेपी-कांग्रेस के पार्षदों ने आपस में हाथ मिला लिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि मेयर की कुर्सी पर ISLAM पार्टी को रोकने या फिर डिप्टी मेयर की कुर्सी के लिए डील करने का दांव बीजेपी-कांग्रेस का है.
कल्याण-डोंबिवली (KDMC) और उल्हासनगर (UMC) महानगरपालिका के चुनाव परिणामों के बाद सत्ता के समीकरणों को जिस चतुराई से सुलझाया गया, उसने भाजपा के अपना ही महापौर बनाने के दावे को धराशायी कर दिया है.
122 सदस्यीय कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में शिंदे गुट को 52 और बीजेपी को 51 सीटें मिली हैं, जबकि मेयर पद के लिए 62 का जादुई आंकड़ा जरूरी है.
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र की अवसरवादी राजनीतिक पर तीखा व्यंग्य किया है. इसी दौरान उन्होंने पोस्ट-इलेक्शन माहौल पर कटाक्ष करते हुए एक मजेदार किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर लोग लोटपोट हो गए. इस किस्से में उन्होंने अपने भाई उद्धव ठाकरे का भी जिक्र किया था.
उद्धव ठाकरे की शिवसेना के विधायक ने एकनाथ शिंदे की ओर अप्रत्याशित रूप से दोस्ती का हाथ बढ़ाया है. उन्होंने शिंदे से बीएमसी में ठाकरे गुट को समर्थन देने की अपील की है. हालांकि एकनाथ शिंदे ने इस प्रस्ताव को खारिज किया है.
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने राजनीति में बढ़ती अवसरवादी सोच पर तीखा प्रहार किया है. राज ने अपने चाचा और शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की 100वीं जयंती पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वे निजी लाभ के लिए कभी समझौता नहीं करेंगे फुल स्टॉप उन्होंने मराठी अस्मिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.
महाराष्ट्र निकाय चुनाव के परिणामों के बाद भाजपा के वरिष्ठ विधायक कालिदास कोलंबकर ने अपनी पार्टी के अंदर मची उठापटक को सार्वजनिक किया है. कोलंबकर ने भाजपा उम्मीदवार की हार को लेकर गहरा असंतोष जताया और पार्टी के नेतृत्व को इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने के लिए पत्र भेजा है.
महाराष्ट्र के बीएमसी सहित 29 नगर निगमों में से 15 शहरों में महिला मेयर होंगी. बीजेपी मुंबई, पुणे, नागपुर सहित तमाम बड़े शहरों में अपना मेयर आसानी से बना लेगी. बीजेपी मेयर चुनाव के जरिए डबल-एम दांव खेलने की प्लानिंग की है तो सियासी गोटियां भी सेट की जा रही हैं.
शिंदे सेना ने हाल ही में दादर क्षेत्र में अपनी हार के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है. दादर में शिवसेना शिंदे गुट के उम्मीदवार कुणाल वाडेकर ने भाजपा के कुछ लोगों पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने उनके खिलाफ साजिश रची, जिससे उन्हें चुनाव में नुकसान हुआ. इस वीडियो में, उन्होंने संवाददाता से बातचीत के दौरान अपनी बात रखी.
बीएमसी चुनाव के बाद भी दादर माहिम क्षेत्र में शिंदे सेना और बीजेपी के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. शिंदे सेना के पराजित उम्मीदवार समाधान सरवणकर ने अपनी हार के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने चैट के माध्यम से कई सबूत भी पेश किए हैं, जो मामले को और गंभीर बनाते हैं. इस तनाव की स्थिति से राजनीतिक माहौल काफी प्रभावित हो रहा है. यह स्थिति स्थानीय राजनीति में संघर्ष और असंतोष को दर्शाती है. इस पर विस्तृत रिपोर्ट में जानें पूरी स्थिति और घटनाक्रम.
महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में इस बार एक अजय और गजब गठजोड़ देखने को मिल रहा है. कल्याण डोंबिवली नगर निगम में शिवसेना ने एमएनएस और कांग्रेस के साथ मिलकर भाजपा को मेयर पद के लिए सीट साझा नहीं करने पर मजबूर कर दिया है. शिवसेना को विपक्षी दलों के समर्थन से बहुमत प्राप्त हो गया है, जिससे महायुती गठबंधन में तनातनी बढ़ गई है. मुंबई में बीएमसी मेयर पद के चुनाव को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है जहां भाजपा और शिवसेना दोनों अपनी ताकत आजमा रहे हैं.
महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 नगर महापालिकाओं के मेयर चुनाव से पहले आरक्षण को लेकर सियासी विवाद छिड़ गया है. लॉटरी सिस्टम से मुंबई का मेयर पद महिला कोटे में चला गया है. इस फैसले पर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने आपत्ति जताते हुए सवाल उठाए कि ओबीसी आरक्षण के ड्रॉ में बीएमसी को शामिल क्यों नहीं किया गया. जबकि पिछले दो कार्यकालों में यह पद ओपन कैटेगरी में था.
नगर निगम चुनाव और नतीजों ने महाराष्ट्र में सारे राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं. उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन करने वाले राज ठाकरे को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अपने साथ मिला लिया है, और सत्ताधारी महायुति में सहयोगी बीजेपी को ही चुनौती दे रहे हैं.