मेयर पद की रेस के बीच कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. बहुमत के खेल में ठाकरे गुट के तीन नगरसेवकों की टूट ने समीकरण बदल दिए हैं. सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे गुट के तीन नगरसेवकों को एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अपने पाले में कर लिया है. ये घटनाक्रम उस वक्त सामने आया है, जब नगर निगम में मेयर की कुर्सी के लिए जोड़-तोड़ तेज हो गई है.
महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 नगर निगम चुनाव में बीजेपी का पलड़ा भले ही भारी रहा हो, लेकिन मुंबई के मेयर का फैसला डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के हाथ में है. शिंदे के लॉटरी सिस्टम से ही तय होगा कि मुंबई का मेयर महिला होगी या फिर कोई ओबीसी बनेगा?
महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में भाजपा और महायुति गठबंधन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. देश की सबसे अमीर नगर पालिका बीएमसी (BMC) में भाजपा 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. इस जीत ने मुंबई में करीब तीस साल पुराने शिवसेना के एकछत्र राज को खत्म कर दिया है.
महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति का समीकरण बदल दिया है. 29 नगर निगमों की कुल 2,869 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी ने 64.51% के स्ट्राइक रेट के साथ 1,425 सीटें जीतकर बड़ी बढ़त हासिल की है.
मुंबई मेयर पद की लड़ाई तेज होती जा रही है. शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर ताज होटल को जेल बनाने का आरोप लगाया है. वहीं, हालात को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.
बीएमसी नतीजों के बाद मुंबई की सियासत गरमा गई है. शिवसेना के 29 पार्षद होटल में ठहरे हैं. उद्धव ठाकरे ने शिंदे पर बीजेपी के दबाव में होने का आरोप लगाया है, जबकि मेयर पद को लेकर महायुति के भीतर खींचतान के संकेत मिल रहे हैं.
देश में चुनावी राजनीति हमेशा गतिशील रहती है. बीएमसी चुनावों के बाद शिवसेना और बीजेपी के बीच मेयर पद को लेकर कड़ी बहस चल रही है. शिवसेना ने अपने 29 कॉर्पोरेटरों को मुंबई के एक होटल में बुलाकर मेयर पद को ढाई-ढाई साल के टर्म में बांटने की मांग रखी है. सत्ता समीकरण जटिल हैं क्योंकि बिना शिवसेना के समर्थन के बीजेपी के लिए मेयर पद प्राप्त करना मुश्किल होगा. इसी बीच पश्चिम बंगाल में चुनावों को लेकर भी राजनीतिक रार तेज है. देखें शंखनाद.
बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव में दूसरे नंबर पर रही एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने मेयर पद को लेकर बीजेपी के सामने 50-50 पावर शेयरिंग फॉर्मूला रख दिया है. आईसीसी पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में शनिवार को भारत और बांग्लादेश के बीच मुकाबला खेला जा रहा है. इस मैच में टॉस के दौरान भारतीय टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे ने बांग्लादेश के स्टैंड-इन कप्तान जवाद अबरार से हाथ मिलाने से परहेज किया.
बीएमसी चुनाव परिणाम के बाद राजनीति में बड़ी हलचल मची है. मुंबई पर पिछले 25 वर्षों से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का कब्जा था, लेकिन इस बार बीजेपी गठबंधन ने अपना दबदबा कायम किया है. 45 वर्षों में पहली बार बीजेपी मुंबई की राजनीति में इतनी मजबूती से उभरी है कि वह अपना मेयर चुन सकती है. हार के बाद संजय राउत ने एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा और उन्हें जयचंद कहा.
BMC चुनाव में दूसरे नंबर पर रही एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने मेयर पद को लेकर बड़ा सियासी दांव चला है. पार्टी ने BJP के सामने 50-50 पावर शेयरिंग का प्रस्ताव रखा है, जिस पर अब हाईकमान का फैसला बाकी है.
बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद सत्ता की कुर्सी के लिए जोड़-तोड़ तेज हो गई है. किंगमेकर की भूमिका में आई एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका के चलते अपने सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में ठहराने का फैसला किया है.
बीजेपी नेता ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति इस देश में नकारात्मकता और विकृत आरोपों का उदाहरण है. महाराष्ट्र के नगरीय निकाय चुनाव से सबक लेकर ऐसी घटिया राजनीति से बचा जाना चाहिए था.
महाराष्ट्र निकाय चुनावों में बीजेपी अब नंबर वन पार्टी बन चुकी है और पूरी तरह से डोमिनेंट हो चुकी है. विपक्ष खासकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना के लिए चुनौतियाँ बढ़ती नजर आ रही हैं.
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुंबई मेयर चुनाव में BJP को समर्थन देने की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि AIMIM किसी भी सूरत में BJP या NDA के साथ नहीं जा सकती. साथ ही, ओडिशा की हालिया घटना का जिक्र करते हुए ओवैसी ने BJP शासित राज्यों में गौ रक्षकों को खुली छूट देने का आरोप लगाया.
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव परिणामों में बीजेपी का शानदार प्रदर्शन रहा. 29 में से 25 निगमों में बीजेपी+ की बढ़त है. सीएम देवेंद्र फडणवीस का मुंबई बीजेपी कार्यालय में भव्य स्वागत किया गया.
नागपुर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है. इस चुनाव में भाजपा ने कुल 152 सीटों में से 113 सीटों पर बढ़त बनाई है जबकि कांग्रेस केवल 30 सीटों पर आगे हैय विदर्भ क्षेत्र भी पहले कांग्रेस का गढ़ था लेकिन अब वह क्षेत्र भाजपा की पकड़ में आ गया है.
मुंबई नगर निगम चुनाव के नतीजे आ गए हैं और तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है. बीएमसी की सत्ता में 25 साल बाद बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है. भारतीय जनता पार्टी और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने मिलकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. उद्धव ठाकरे की शिवसेना दूसरे नंबर पर रही, जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा और पार्टी सिर्फ 24 सीटों तक सिमट गई.
महाराष्ट्र के निकाय चुनाव नतीजों ने राज्य की राजनीति की तस्वीर बदल दी है. बीएमसी समेत 29 नगर निगमों में बीजेपी–शिंदे गठबंधन की बड़ी जीत हुई, जबकि ठाकरे ब्रदर्स और पवार परिवार बुरी तरह पिछड़ गए. यह परिणाम भावनात्मक और परिवारवादी राजनीति पर जनता की नाराजगी का संकेत देता है.
बीएमसी चुनाव ने महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा उलटफेर कर दिया है. 25 साल बाद शिवसेना का किला ढह गया और पहली बार बीएमसी में बीजेपी का मेयर बनना लगभग तय है. ठाकरे ब्रदर्स की एकजुटता भी मतदाताओं को नहीं रिझा सकी. नतीजों ने बाला साहेब की विरासत और ठाकरे राजनीति के भविष्य पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं.
मुंबई नगर निगम चुनाव में संताक्रूज वार्ड 90 के नतीजे चर्चा में हैं. यहां कांग्रेस ने बीजेपी उम्मीदवार को महज 7 वोटों से चुनाव हरा दिया. जबकि मलाड वेस्ट के वार्ड 46 में बीजेपी ने रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की.
इस वीडियो में आनंद दुबे अपने विचार साझा कर रहे हैं कि वर्तमान समय एक कठिन दौर है जहां नेतृत्व की परीक्षा हो रही है. वे कहते हैं कि यह समय मुश्किल की घड़ी है और इस घड़ी में हमें दृढ़ता से आगे बढ़ना होगा.