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महाराष्ट्र: जिनके पास खेत नहीं उन्हें बांटा मुआवजा, ₹25 करोड़ के गबन में नपा सरकारी बाबू

महाराष्ट्र में जालना के 24.90 करोड़ रुपये के अतिवृष्टि अनुदान घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा ने मुख्य आरोपी आशीष पैठणकर को गिरफ्तार किया. अब तक 32 आरोपी पकड़े गए हैं और तीन फरार हैं.

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अब तक कुल 32 लोगों पर केस दर्ज हुआ है. (Representational Image/File)
अब तक कुल 32 लोगों पर केस दर्ज हुआ है. (Representational Image/File)

महाराष्ट्र के जालना जिले में सामने आए 24 करोड़ 90 लाख 77 हजार 811 रुपये के अतिवृष्टि अनुदान घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. यह अनुदान भारी बारिश के बाद किसानों को हुए नुकसान के लिए दिया जाना था. इस मामले के मुख्य आरोपी को जालना की आर्थिक क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी का नाम आशीष प्रमोद कुमार पैठणकर है, जिसकी उम्र 45 साल बताई जा रही है. आरोपी घनसावंगी तहसील कार्यालय में सहायक राजस्व अधिकारी के पद पर काम करता था.

अंबड और घनसावंगी तहसील में अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ था. इसके बाद शासन द्वारा चार अलग-अलग फैसलों के जरिए प्रभावित किसानों के लिए अनुदान घोषित किया गया था. लेकिन संबंधित सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर अनुदान सूची में बड़े पैमाने पर फर्जी लाभार्थियों के नाम शामिल किए, जिनके नाम पर कोई खेती ही मौजूद नहीं थी. 

इन फर्जी नामों के आधार पर मिली सरकारी अनुदान राशि को आरोपियों ने खुद निकालकर सरकारी फंड का 24.90 करोड़ रुपये से ज्यादा का गबन किया. इस पूरे मामले की शिकायत जिला प्रशासन को मिलने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने तीन सदस्यों की जांच कमेटी बनाई थी. 

रिपोर्ट में क्या सामने आया?

कमेटी ने रिपोर्ट सबमिट कर दी है, जिसमें सरकारी फंड के बड़े पैमाने पर गबन की बातें सामने आई है. इसके बाद अंबड पुलिस थाने में 22 तलाठी, तहसील कार्यालय के आपदा प्रबंधन विभाग के 5 कर्मचारी और जिला कलेक्टर कार्यालय के 1 कर्मचारी सहित कुल 28 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. 

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जांच के दौरान अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए. गुनाह दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गए थे. पुलिस से बचने के लिए वे लगातार मोबाइल फोन और ठिकाने बदलते रहे, सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी और कुछ आरोपी अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर छिपकर रहने लगे थे.

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32 आरोपी गिरफ्तार...

मुख्य आरोपी आशीष पैठणकर पिछले पांच महीनों से फरार था और अग्रिम जमानत के लिए कोशिशें कर रहा था. इसी बीच आर्थिक अपराध शाखा को आरोपी के जालना आने की गुप्त जानकारी मिली. तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस कर आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया. 

अब तक इस अनुदान घोटाले में कुल 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 आरोपी अभी भी फरार हैं. फरार आरोपियों की तलाश जारी है. घोटाले की राशि वसूलने के लिए कुछ आरोपियों की संपत्तियों पर बोजा लगाया गया है और कुछ आरोपियों के बैंक अकाउंट्स फ्रीज कर दिए गए हैं. आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं. 

इस मामले में अंबड सत्र न्यायालय और बॉम्बे हाईकोर्ट के छत्रपती संभाजीनगर खंडपीठ में दाखिल सभी अग्रिम जमानत अर्ज़ियां खारिज कर दी गई हैं. जालना की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा मामले की आगे की जांच जारी है.

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