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अजित पवार प्लेन क्रैश में रोहित पवार ने कर्नाटक में क्यों कराई 'जीरो FIR', राहुल से मुलाकात में क्या बनी रणनीति?

महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम रहे अजित पवार का निधन 28 जनवरी को प्लेन क्रैश में हो गया था, जिसे लेकर रोहित पवार ने अब कर्नाटक में जीरो एफआईआर दर्ज कराई है. सवाल उठता है कि महाराष्ट्र के बजाय कर्नाटक में क्यों एफआईआर दर्ज कराई?

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अजित पवार विमान हादसे की रोहित पवार ने कर्नाटक में कराई जीरो एफआईआई (Photo-ITG)
अजित पवार विमान हादसे की रोहित पवार ने कर्नाटक में कराई जीरो एफआईआई (Photo-ITG)

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार का निधन प्लेन क्रैश में हो गया था.अब दो महीने के बाद शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने कर्नाटक के बेंगलुरु में अजित पवार के विमान हादसे के संबंध में एक 'जीरो FIR' कराई है. इसमें उन्होंने हादसे के पीछे बड़ी आपराधिक साजिश होने का आरोप लगाया है. 

बारामती के पास 28 जनवरी को प्लेन क्रैश में अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी. अब इस मामले में बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में अजित पवार के विमान हादसे के संबंध में एफआईआर दर्ज कराई. इसमें भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें गैर-इरादतन हत्या, लापरवाही और जान को खतरे में डालने से जुड़े आरोप शामिल हैं.

सवाल उठता है कि रोहित पवार ने महाराष्ट्र के किसी शहर के  बजाय कर्नाटक के बेंगलुरु में'जीरो एफआईआर' क्यों कराई? क्या राहुल गांधी से रोहित पवार की मुलाकात में कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक में एफआईआर कराने की रणनीति बनी. 

अजित पवार मामले में 'जीरो FIR'
अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद से उनके भतीजे रोहित पवार लगातार आक्रामक रुख अख्तियार कर रखा है.  रोहित पवार ने मंगलवार को ही विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था. इस मामले में दिवंगत अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने इंडियन सिविल प्रोटेक्शन कोड, 2023 के सेक्शन 173(1) के तहत 'जीरो FIR' के तौर पर शिकायत दर्ज कराई थी. 

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रोहित पवार के द्वारा दर्ज कराई एफआईआर की शिकायत मेंएक निजी कंपनी द्वारा संचालित यह विमान कथित तौर पर उड़ान भरने के लिए पूरी तरह फिट नहीं था. आरोप लगाया गया है कि प्लेन के रखरखाव के रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई थी और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया गया था. 

प्लेन के पायलट के पिछले रिकॉर्ड, आखिरी समय में क्रू में किए गए बदलावों और कम विज़िबिलिटी (धुंध) की स्थिति में उड़ान से जुड़े संदिग्ध फैसलों को लेकर भी एफआईआर में गंभीर चिंताएं जताई गई हैं. 

महाराष्ट्र के बजाय कर्नाटक में क्यों FIR
रोहित पवार ने महाराष्ट्र के बजाय कर्नाटक में क्यों एफआईआर दर्ज कराई. इसका जवाब भी रोहित पवार ने दिया है, उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में FIR दर्ज कराने की उनकी कोशिशें नाकाम रहीं, जिसके बाद उन्हें बेंगलुरु पुलिस से संपर्क करना पड़ा. 

अजित पवार के निधन के बाद रोहित पवार ने पुणे, बारामती और मुंबई समेत महाराष्ट्र में विमान दुर्घटना मामले में केस दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे. अब रोहित पवार को कर्नाटक में सफलता मिली है. उन्होंने बेंगलुरु पुलिस में इस केस की जीरो एफआईआर दर्ज कराई है.'जीरो एफआईआर' किसी भी पुलिस थाने में दर्ज किया जा सकता है, चाहे अपराध कहीं भी हुआ हो.

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रोहित पवार ने कहा कि हमने महाराष्ट्र में कई जगहों पर केस रजिस्टर करने की कोशिश की,लेकिन बात नहीं बनी, फिर हम कर्नाटक गए. कर्नाटक सरकार न्याय दिलाने के लिए आगे बढ़ी है. उन्होंने ज़ीरो FIR दर्ज करके DG को भेज दी है।. रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार के प्लेन क्रैश के बारे मेंकेस रजिस्टर कर लिया गया है. जो कर सकते थे, किया, फॉलोअपकिया. 

राहुल गांधी से मुलाकात में बनी रणनीति
महाराष्ट्र में अजित पवार विमान हादसे में मामले में एफआईआर कराने में नाकाम होने के बाद रोहित पवार ने दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी. रोहित पवार ने राहुल गांधी से अजित पवार के विमान हादसे के मुद्दे पर चर्चा की थी.माना जाता है कि उसी के बाद महाराष्ट्र के बजाय कर्नाटक में जीरो एफआईआर दर्ज कराने के लिए रणनीति बनी है. कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है और जीरो एफआईआर कहीं भी जा सकती है, वो देश के किसी भी राज्य का मामला हो.

रोहित पवार ने पहले 25 फरवरी को मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन और उसके बाद 26 फरवरी को बारामती पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की थी. हालांकि FIR दर्ज नहीं की गई थी. इस मामले में पुणे सीआईडी ने कहा है कि जांच सिर्फ ऐक्सिडेंटल डेथ रिपोर्ट के आधार पर चल रही है. अजित पवार के हादसे के 2 महीने बाद भी जांच करने वाले अधिकारियों को कोई रिमाइंडर नहीं दिया गया है. ऐसे में रोहित पवार ने कांग्रेस वाले शासित राज्य में जीरो एफआईआर दर्ज कराया है. 

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महाराष्ट्र में क्या गरमाएगी राजनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे पर एफआईआर होने से महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस शुरू हो सकती है,क्योंकि अजित पवार राज्य की सत्ता में अहम पद पर थे. ऐसे में अब उनके नाम से जुड़ा कोई भी विवाद राजनीतिक रूप से बड़ा असर डाल सकता है.

रोहित पवार ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी पर व्यक्तिगत हमला करना नहीं है,बल्कि सच को सामने लाना है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता बहुत जरूरी होती है और अगर किसी घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो उसका जवाब भी सामने आना चाहिए. इतना ही नहीं रोहित पवार ने यह घटना उपमुख्यमंत्री को खत्म करने के उद्देश्य से रची गई एक बड़ी आपराधिक साजिश का नतीजा थी.

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