झारखंड के रामगढ़ जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पति-पत्नी के रिश्ते और परिवार के भरोसे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. कुजू थाना क्षेत्र के अरगड्डा में रोहित कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, इस वारदात में रोहित की पत्नी अंजू देवी, उसकी सास सुंदरी देवी, साला दिनेश्वर प्रजापति और अंजू के परिचित शौकत अंसारी शामिल थे. रोहित कुमार की उम्र 38 साल थी. बुधवार को पुलिस ने उसका शव नई सरारा परारू नाला पुल के पास सड़क किनारे झाड़ियों में संदिग्ध हालत में बरामद किया था. इसके बाद मृतक के भाई करण कुमार ने कुजू थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और करीब 24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया.
रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लूनायत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आलोक रंजन के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी एसआईटी गठित की थी. पुलिस ने मामले की जांच के दौरान रोहित की पत्नी अंजू देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अंजू देवी ने अपने पति की हत्या में शामिल होने की बात कबूल की. उसने कथित तौर पर इस वारदात में अपनी मां सुंदरी देवी, भाई दिनेश्वर प्रजापति और परिचित शौकत अंसारी की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी. इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. शुक्रवार देर शाम रामगढ़ के एसडीपीओ आलोक रंजन ने प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मृतक की पत्नी, सास, साला और पत्नी का परिचित शामिल है. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान भी जब्त किए हैं.
पत्नी से पूछताछ में खुला हत्या का राज
पुलिस के मुताबिक, रोहित कुमार और उसकी पत्नी अंजू देवी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था. बताया गया कि दोनों के बीच अंजू के चरित्र को लेकर भी झगड़े होते थे. घटना से एक दिन पहले यानी 21 तारीख को भी दोनों के बीच विवाद हुआ था. पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के बाद मामला बढ़ गया और रोहित की हत्या कर दी गई. एसडीपीओ आलोक रंजन के मुताबिक, पत्नी, सास और साले ने मिलकर कथित तौर पर रोहित की हत्या की. इसके बाद शव को छिपाने के उद्देश्य से परारू नाला के पास सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया गया. हालांकि, पुलिस की जांच में सामने आए इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी है. फिलहाल पुलिस ने मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस ने हत्या के मामले में अहम साक्ष्य जुटाने का भी दावा किया है. अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल और जांच से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना लकड़ी का पट्टा और गला घोंटने में इस्तेमाल किया गया दुपट्टा जब्त किया गया है. पुलिस का कहना है कि रोहित की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में शौकत अंसारी ने मदद की. आरोप है कि अंजू देवी के परिचित शौकत ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से अपनी गाड़ी का इस्तेमाल कर शव को परारू नाला के पास पहुंचाया और सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया. इस तरह पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लूनायत ने एसडीपीओ आलोक रंजन के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी. टीम ने जांच के दौरान मृतक की पत्नी से पूछताछ की और उसके बयान के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की.
खून से सना लकड़ी का पट्टा और दुपट्टा बरामद
पुलिस ने इस मामले में अंजू देवी, उसकी मां सुंदरी देवी, भाई दिनेश्वर प्रजापति और शौकत अंसारी को गिरफ्तार किया है. एसडीपीओ ने शुक्रवार देर शाम प्रेस वार्ता में गिरफ्तारी और बरामद सामान की जानकारी दी. रोहित कुमार का शव बुधवार को मिलने के बाद उसके भाई करण कुमार की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की और 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने की बात कही. फिलहाल चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद अहम वजह रहा. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.