झारखंड में राज्यसभा चुनावों को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है. नामांकन खत्म होने के बाद कांग्रेस ने NDA समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर कई आपत्तियां दर्ज करवाई. इसके बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप और प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है.
सुबह ही कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता विधानसभा के गेट के बाहर झंडे लेकर धरने पे बैठ गए. जमकर नारेबाजी की और परिमल नाथवानी के नामांकन को रद्द करने की मांग की.
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश , सुबोधकांत सहाय , मंत्री इरफान अंसारी , शिल्पी नेहा तिर्की सभी ने एक सुर में कहा कि निर्वाचन आयोग मध्य प्रदेश में अलग और झारखंड में अलग मापदंड अपना रही है.
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आरओ यानी रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर के बाहर भी जमकर नोंक-झोंक देखने को मिला. मार्शल सिर्फ अधिकृत को ही अंदर जाने दे रहे थे. इसको लेकर कांग्रेस कोटे से संसदीय कार्य मंत्री ,राधा कृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी , ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे को कई बार गुस्से से आग बबूला होते देखा गया. राधा कृष्ण किशोर और दीपिका पांडे समेत इरफान ने आरोप लगाया कि आरओ दफ्तर बीजेपी का कार्यालय हो गया है.
परिमल नाथवानी की ओर से बहस कर रहे वकील प्रशांत पल्लव ने आज तक से बातचीत में कहा कि रिजेक्शन का सवाल ही नहीं उठता. यह मामला अलग है, यह टेक्निकल एरर से जुड़ा है. किसी सूचना को दबाया या छुपाया नहीं गया है. सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट मौजूद है और इसको लेकर आईआरओ ने जो सवाल किए थे, उनका लिखित जवाब स्क्रूटनी के दिन ही दे दिया गया था.
बीजेपी के चीफ व्हिप नवीन जायसवाल ने भी कहा कि कांग्रेस डर गई है हार से. लिहाजा वो हर तरह के हथकंडे अपना रही है. साफ है कि ये हाई वोल्टेज ड्रामा राज्यसभा चुनाव यानी 18 जून तक दिखता रहेगा.