झारखंड के गोड्डा में कैथोलिक मिशनरी स्कूल से जुड़े एक फादर पर महिला कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का आरोप है कि फादर ने उसके साथ बार-बार रेप किया. गर्भ ठहरने पर मिसकैरेज की दवा दी और विरोध करने पर धमकाया. गर्भपात के बाद महिला को ज्यादा ब्लीडिंग हुई. उसकी हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
आरोपी की पहचान जोसफ सोरेन के रूप में हुई है. वह संत अलफोंसा स्कूल का प्रिंसिपल भी बताया गया है. आरोप सामने आने के बाद से वह फरार है. मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
नौकरी के बहाने मिशनरी बुलाने का आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि उसे गोड्डा जिले के तिलाबाद मिशन में कुक की नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया गया था. आरोप है कि इसके बाद फादर जोसफ सोरेन ने उसे डराया-धमकाया और उसके साथ बार-बार रेप किया.
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महिला ने बताया कि वह प्रेग्रेंट हो गई थी. इसके बाद फादर ने उसे गर्भपात की दवा दी. दवा लेने के बाद उसे काफी ज्यादा ब्लीडिंग होने लगी. तबीयत बिगड़ने पर उसे गोड्डा के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया.
शिकायत के मुताबिक, निजी अस्पताल में महिला के गर्भाशय की सफाई की गई. इसके बाद भी रक्तस्राव बढ़ता गया और उसकी हालत गंभीर हो गई. अस्पताल में उसे एक यूनिट खून चढ़ाना पड़ा. महिला का आरोप है कि इलाज पर करीब 60 हजार रुपये खर्च होने की बात बताई गई. इसके बाद फादर ने उससे कहा कि इलाज में काफी पैसा खर्च हुआ है और वह इसकी वसूली उससे करेंगे.
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि प्रक्रिया से इनकार करने पर उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी.
पुलिस ने FIR दर्ज की, जांच शुरू
गोड्डा के एसडीपीओ आकाश भारद्वाज ने इंडिया टुडे से बातचीत में FIR दर्ज होने की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि सुंदर पहाड़ी थाना क्षेत्र में एक संदिग्ध के खिलाफ मामला सामने आया है. जांच शुरू कर दी गई है. जांच अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए फिलहाल ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा सकती.
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वहीं, गोड्डा के एसपी मुकेश कुमार ने इस मामले पर कैमरे के सामने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. पुलिस ने अभी आरोपों को लेकर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान नहीं दिया है.
संजय सेठ ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना
इस मामले पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने झारखंड सरकार को घेरा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि पीड़ित महिला आदिवासी समुदाय से है. उन्होंने इस घटना को संथाल परगना में आदिवासी बेटियों पर हो रहे अत्याचार का उदाहरण बताया.
संजय सेठ ने आरोप लगाया कि इलाके में आदिवासी महिलाओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और उनकी जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि आदिवासियों के हितों की बात करने वाली झारखंड सरकार इन मुद्दों पर चुप है. उन्होंने मंत्रियों और विधायकों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए.
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केंद्रीय मंत्री ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि 'अबुआ राज' के नाम पर झारखंड की आदिवासी बेटियों के साथ हो रहा अन्याय खत्म होना चाहिए. उन्होंने अपनी पोस्ट में गोड्डा पुलिस, झारखंड पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग को भी टैग किया.
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. महिला की शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. आरोपी का पक्ष भी अभी सामने नहीं आया है.