
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मां माता रूपी सोरेन के श्राद्ध कर्म के बाद पहली बार अपने परिवार के साथ सड़क पर निकले. इस दौरान वो बिल्कुल सादे अंदाज में पायजामा और टी-शर्ट पहने नजर आए. इस दौरान उन्होंने एक स्थानीय दुकान पर रुककर चाय और गरमा-गरम पकौड़ों का लुत्फ उठाया.
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बोकारो में निर्माणाधीन कसमार-बरलंगा मुख्य सड़क का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने सड़क निर्माण की प्रगति और वर्तमान स्थिति का बारीकी से जायजा लिया.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्षेत्रीय आवाजाही के लिहाज से इस सड़क को बहुत अहम बताया. वापसी के दौरान उन्होंने सेवाती घाटी का भी दौरा किया और वहां की भौगोलिक स्थिति और सड़क मार्ग का मुआयना किया.

कसमार-बरलंगा मुख्य सड़क इस पूरे क्षेत्र के लिए आवाजाही का मुख्य जरिया है. इस सड़क का काम पूरा होने से आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को सफर करने में बड़ी सहूलियत मिलेगी. बेहतर सड़क संपर्क होने से स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और दूसरी जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी. साथ ही, क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है.
स्थानीय दुकान पर चखा चाय-पकौड़ी का स्वाद
सड़क का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कसमार के तीनकोनिया चौक पर एक छोटी सी स्थानीय दुकान पर पहुंचे. यहां उन्होंने विधायक कल्पना सोरेन के साथ बैठकर गरमा-गरम चाय और पकौड़ियों का लुत्फ उठाया. वीआईपी प्रोटोकॉल छोड़कर मुख्यमंत्री को आम दुकान पर इस तरह बैठे देखना वहां के स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ा आकर्षण बन गया.


आम लोगों ने जाना उनका हाल
इस दौरान मुख्यमंत्री ने दुकानदारों और आम लोगों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना. उनके साथ मौजूद विधायक कल्पना सोरेन ने भी स्थानीय नागरिकों से बात की. अपने सूबे के मुखिया और विधायक को बिल्कुल नजदीक पाकर लोगों में गजब का उत्साह देखा गया. स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी खुशी जाहिर की और इस मुलाकात को यादगार बताया.