हिमाचल प्रदेश में मॉनसून एक बार फिर आफत बनकर बरसने वाला है. मौसम विभाग (IMD) ने चंबा, शिमला, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. साथ ही भूस्खलन (लैंडस्लाइड), फ्लैश फ्लड और नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा भी बताया गया है. पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों में 19 से 22 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला शामिल हैं.
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने वाला है, जिसकी वजह से हिमाचल में तेज बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने 22 जुलाई तक राज्य में लगातार बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान जताया है.
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की ओर से गुरुवार शाम दी गई जानकारी के मुताबिक, बीते दिनों में हुई भारी बारिश के कारण राज्य में 50 सड़कें बंद हो गई हैं. मॉनसून शुरू होने (30 जून) से अब तक 53 लैंडस्लाइड और 3 फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
16 जुलाई तक हिमाचल में 124.5 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 119.2 मिलीमीटर होती है. यानी इस बार 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है. वहीं, पिछले 24 घंटों में राज्य में ज्यादातर जगहों पर मौसम सूखा रहा है.
शिमला जिले के साराहन में 7.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. वहीं, तापमान की बात करें तो लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना दिन में सबसे ज्यादा गर्मी रही जहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.