रोहतक शहर के डी-पार्क स्थित व्यस्त बाजार में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक जूते के शोरूम में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में भीषण रूप धारण कर लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास की करीब 10 से 12 दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं. हादसे में तीन लोगों के जले हुए शव बरामद किए गए हैं, जबकि कई लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलता रहा.
जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत डी-पार्क स्थित रोहतक शूज नाम के तीन मंजिला शोरूम से हुई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भीषण गर्मी के बीच एसी कंप्रेसर में ब्लास्ट होने के बाद आग लगी, जिसने देखते ही देखते पूरे शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया. शोरूम में रखे जूते और अन्य ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास की दुकानों तक पहुंच गई.
आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए रोहतक के अलावा अन्य जिलों से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाया गया. कुल मिलाकर करीब 40 फायर ब्रिगेड गाड़ियां राहत कार्य में जुटी रहीं. इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर तैनात किया गया. लगभग छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका.
6 घंटे तक जलता रहा डी-पार्क
राहत एवं बचाव कार्य के दौरान पुलिस के वज्र वाहनों का भी इस्तेमाल किया गया. मौके पर लगातार धुएं और आग की लपटों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आईं. जिन कर्मचारियों और लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका थी, उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा. बाद में मलबे की तलाशी के दौरान तीन लोगों के जले हुए शव बरामद किए गए, जिससे पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल फैल गया. प्रशासन ने आशंका जताई है कि हादसे में और लोग भी प्रभावित हो सकते हैं, हालांकि जांच जारी है.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) समरदीप सिंह, जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की. आईजी ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए गए.
इसी बीच रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित दुकानदारों व प्रभावित परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया और सरकार से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और प्रभावित दुकानदारों को शत-प्रतिशत नुकसान की भरपाई देने की मांग की.
आग ने निगल ली तीन जिंदगियां
दीपेंद्र हुड्डा ने फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया में देरी पर भी सवाल उठाए और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की. स्थानीय लोगों और कुछ नेताओं ने भी आरोप लगाया कि दूसरी फायर ब्रिगेड गाड़ी पहुंचने में काफी देरी हुई, जिससे नुकसान बढ़ गया. बताया जा रहा है कि आग की चपेट में आए अधिकांश प्रतिष्ठान जूतों के शोरूम थे, जबकि कुछ दुकानों में अंडरगारमेंट्स और जूस से संबंधित व्यवसाय संचालित हो रहे थे. आग के कारण करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है. फिलहाल प्रशासन राहत और जांच कार्य में जुटा है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.