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चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद तिहाड़ जेल में पिता अजय चौटाला से मिले दुष्यंत

हरियाणा विधानसभा चुनाव में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. वहीं दुष्यंत चौटाला को जेजेपी ने कार्यकारिणी बैठक में विधायक दल का नेता चुना है. बैठक के बाद जेजेपी अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला तिहाड़ जेल में बंद अपने पिता अजय चौटाला से मिले.

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जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के नेता दुष्यंत चौटाला (फाइल-ट्विटर)
जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के नेता दुष्यंत चौटाला (फाइल-ट्विटर)

  • दुष्यंत चौटाला जेजेपी विधायक दल के नेता चुने गए
  • जेजेपी को मिली हरियाणा विधानसभा में 10 सीट 

हरियाणा विधानसभा चुनाव में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने शानदार प्रदर्शन किया और राज्य में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. चुनाव बाद दुष्यंत चौटाला को जेजेपी ने कार्यकारिणी बैठक में विधायक दल का नेता चुना है. विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद जेजेपी अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला तिहाड़ जेल में बंद अपने पिता अजय चौटाला से मिलने पहुंचे.

अजय चौटाला और दुष्यंत चौटाला के बीच तिहाड़ जेल में करीब 25 मिनट की मुलाकात हुई. कि हमारी पार्टी के अंदर लोगों ने कांग्रेस या बीजेपी के साथ जाने की मांग की है. जो पार्टी हमारे कॉमन मिनिमम प्रोग्राम की बात मानेगा, हमारी पार्टी उसी के साथ जाएगी और समर्थन देगी. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उन्होंने अपने पिता से बात की है, पिता अजय चौटाला ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी को कोई भी फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया है.

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11 महीने पहले बनी पार्टी

हरियाणा में जाटों की प्रमुख पार्टी रही इंडियन नेशनल लोक दल का बंटवारा हो गया है. घरेलू पार्टी ही दो अलग-अलग पार्टियों में विभाजित हो गई है. ओ.पी चौटाला के बड़े बेटे अजय सिंह के बेटों दुष्यंत और दिग्विजय ने अपनी अलग जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) बना ली है.

हरियाणा के शिक्षक भर्ती घोटाले में राज्य के पूर्व मुख्‍यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और उनके पुत्र अजय चौटाला जेल में बंद हैं. उन्हें अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है.

किसी दल को बहुमत नहीं

11 महीने पहले हरियाणा में जाटों की प्रमुख पार्टी रही इंडियन नेशनल लोक दल का बंटवारा होने के बाद घरेलू पार्टी ही दो अलग-अलग पार्टियों में विभाजित हो गई. ओपी चौटाला के बड़े बेटे अजय सिंह के बेटों दुष्यंत और दिग्विजय ने अपनी अलग जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) बना ली थी.

सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 40 सीटें मिलीं जबकि कांग्रेस के खाते में 31 सीटें गईं. वहीं 11 महीने बनी जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) को 10 सीटों पर जीत मिली. वहीं इंडियन नेशनल लोकदल को 1 सीट पर जीत मिली. 7 सीट पर निर्दलीय तो 1 सीट पर हरियाणा लोकहित पार्टी विजयी हुई.

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