हरियाणा के हांसी में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारी हंगामा देखने को मिला था. मुख्यमंत्री के ध्वजारोहण कार्यक्रम का विरोध करने वाले 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनमें किसान संगठन के नेता भी शामिल हैं. कोर्ट ने इन सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद सभी को भोंडसी जेल भेज दिया गया है.
दरअसल, यह पूरा विवाद 15 अगस्त को हांसी में हुए जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ा है. इस समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ध्वजारोहण किया था. समारोह से ठीक पहले वहां जबरदस्त तनाव फैल गया था. लोग जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखा टकराव भी हुआ. स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की और बाद में किसानों और नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तार किए गए लोगों में किसान नेता सुरेश कोथ का नाम भी शामिल है. पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ बहुत गंभीर धाराएं लगाई हैं. इनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(6), 190, 191(2), 191(3), 109(1), 121, 61(2), 152, 223, 132, 221 और 351(3) शामिल हैं.
इसके अलावा राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (PDPP Act) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने इस मामले में भारी संख्या में अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज किया है.
कांग्रेस सांसद ने पुलिस कार्रवाई पर की जांच की मांग
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस सांसद कुमारी सेलजा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने हांसी में हुई इस घटना और पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि जीवन कुंडू की हत्या की घटना बेहद दुखद है. मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में हो रही देरी राज्य की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में न्याय मांगने वाले शांतिपूर्ण लोगों पर बल प्रयोग किसी भी कीमत पर सही नहीं ठहराया जा सकता है.
कुमारी सेलजा ने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए. उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की सबसे पहली जिम्मेदारी आरोपियों को पकड़कर परिवार को न्याय देना है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज किए गए हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों की समीक्षा करने की भी मांग की है.
साथ ही उन्होंने गिरफ्तार किए गए सभी निर्दोष किसानों और नेताओं को तुरंत रिहा करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की आवाज दबाने के बजाय संवेदनशीलता दिखानी चाहिए.
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है, 8 अगस्त को हांसी में डेयरी संचालक जीवन कुंडू का मर्डर कर दिया गया था. जीवन कुंडू अपनी बाइक से ट्रॉली खींचकर गोबर डालने जा रहे थे.रास्ते में 10 से 12 युवकों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से पीटकर बेहोश कर दिया. परिजन उन्हें अस्पताल लेकर गए जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
पुलिस ने इस मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी रमेश सिंह अभी भी फरार है. प्रदर्शनकारी उसी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
विरोध प्रदर्शन कर लोगों ने हरियाणा सीएम के ध्वजारोहण कार्यक्रम का विरोध करने का फैसला किया था. इसी कड़ी में 15 अगस्त सुबह करीब आठ बजे हालात बिगड़ गए थे. प्रदर्शनकारी ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल की तरफ बढ़ रहे थे.
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पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की जिसके बाद दो-तीन जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में भिड़ंत हो गई. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पथराव करने के आरोप भी लगे. इस झड़प में हांसी के एसपी और एक डीएसपी समेत कई लोग घायल हो गए थे.
संयुक्त किसान मोर्च के प्रवक्ता श्रद्धानंद राजली ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की और उन पर लाठियां बरसाईं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की मांग कर रहे लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है और उन पर अत्याचार किया जा रहा है।