गुरुग्राम में कारगिल युद्ध के हीरो पर पार्किंग में जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है. आरोपियों ने कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर रॉड से हमला किया और हाथ भी तोड़ डाला. गंभीर हालत में वह जमीन पर ही गिरे रहे और किसी ने उन्हें अस्पताल नहीं पहुंचाया. बाद में एक शेफ ने मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाया.
दरअसल, 1999 के ऐतिहासिक कारगिल युद्ध ('ऑपरेशन सफेद सागर') के वीर योद्धा रहे भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर गुरुग्राम के मैग्नम ग्लोबल पार्क में बर्बरतापूर्वक जानलेवा हमला कर दिया गया. गुरुवार रात करीब 8 बजे ग्रुप कैप्टन गुप्ता अपने परिवार को मैग्नम ग्लोबल पार्क स्थित गोंजो (Gonzo) रेस्टोरेंट में डिनर के लिए छोड़कर कार पार्क करने पहुंचे थे. आरोप है कि वहां मौजूद पार्किंग स्टाफ ने उन्हें कभी वैले, कभी बेसमेंट तो कभी मल्टी-लेवल पार्किंग के चक्कर कटवाए और आखिरकार गाड़ी पार्क करने से ही मना कर दिया.
पार्किंग में गिरे रहे अमित, शेफ की मदद से पहुंचे अस्पताल
शिकायत के मुताबिक विवाद उस समय खूनी संघर्ष में बदल गया जब ग्रुप कैप्टन ने अपनी कार रिवर्स करने की कोशिश की और पार्किंग अटेंडेंट ने गाड़ी के सामने का शीशा तोड़ने के इरादे से उस पर हमला कर दिया. जैसे ही गुप्ता ने कार से बाहर निकलकर इस गुंडागर्दी का विरोध किया, आरोपी अटेंडेंट ने अचानक लोहे की रॉड से उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए. एक वार उनके सिर पर और दूसरा हाथ पर लगा, जिससे वे वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़े.
हैरान करने वाली बात यह रही कि वहां खड़े सुरक्षाकर्मियों और अन्य पार्किंग स्टाफ में से कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया. पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल करने के आधे घंटे बाद तक भी कोई मदद नहीं पहुंची. अंत में एक शेफ के बीच-बचाव करने से अधिकारी की जान बच सकी. लहूलुहान और गंभीर हालत में रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन गुप्ता को एंबुलेंस के जरिए निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी कोहनी की टूटी हड्डी को जोड़ने के लिए जटिल सर्जरी कर प्लेट्स डाली गईं.
अस्पताल ने भी तैयार की झूठी रिपोर्ट
पीड़ित अधिकारी ने पुलिस पर सहयोग न करने का गंभीर आरोप लगाने के साथ-साथ यह भी खुलासा किया है कि अस्पताल ने झूठी एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) रिपोर्ट तैयार की, जिसमें उनके सिर से बहे खून और कोहनी की गंभीर चोट का कोई उल्लेख नहीं किया गया.
ग्रुप कैप्टन ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में आरोपी अटेंडेंट के खिलाफ हत्या के प्रयास और गंभीर चोट पहुंचाने की संगीन धाराओं के तहत तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की मांग की है. वहीं इस मामले में गुरुग्राम के सेक्टर 65 थाना में पीड़ित द्वारा लिखित शिकायत दी गयी. जिसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले की तफ़्तीश शुरू कर दी है.