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रथ यात्रा से पहले सूरत में क्राइम ब्रांच का बड़ा अभियान, 15 हिस्ट्रीशीटर समेत 70 से अधिक आरोपी दबोचे

रथ यात्रा से पहले सूरत पुलिस ने शहर में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए 'ऑपरेशन रैम्बो' चलाया. अभियान के दौरान 100 से ज्यादा प्रतिबंधित और घातक चाकू जब्त किए गए, जबकि 70 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस जांच में कई आरोपियों का गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है.

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15 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड.(Photo: Sanjay Singh J Rathod/ITG)
15 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड.(Photo: Sanjay Singh J Rathod/ITG)

रथ यात्रा जैसे संवेदनशील पर्व से पहले गुजरात के सूरत में पुलिस ने अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. सूरत क्राइम ब्रांच ने 'ऑपरेशन रैम्बो' के तहत शहरभर में ताबड़तोड़ छापेमारी कर 100 से अधिक घातक और प्रतिबंधित धारदार हथियार जब्त किए हैं. इस अभियान में 70 से अधिक संदिग्ध और असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस का कहना है कि इस अभियान का मकसद रथ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और संभावित हिंसक घटनाओं पर पहले से रोक लगाना है. कार्रवाई के दौरान कई ऐसे लोगों को भी गिरफ्तार किया गया जिनका आपराधिक इतिहास पहले से दर्ज है.

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क्राइम ब्रांच की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में एक साथ छापेमारी की. इस दौरान बड़ी संख्या में प्रतिबंधित चाकू और अन्य धारदार हथियार बरामद किए गए, जिन्हें आरोपी अपने पास लेकर घूम रहे थे.

रैम्बो नाइफ से लेकर ड्रैगन नाइफ तक बरामद

सूरत क्राइम ब्रांच ने जिन हथियारों को जब्त किया है, उनमें रैम्बो नाइफ, बटन नाइफ, ड्रैगन नाइफ, पॉकेट नाइफ और टैक्टिकल नाइफ जैसे बेहद खतरनाक धारदार हथियार शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, ये हथियार किसी भी सामान्य विवाद को गंभीर हिंसक वारदात में बदल सकते हैं.

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अभियान के दौरान 70 से अधिक संदिग्ध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ गुजरात पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है. पुलिस ने सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच शुरू कर दी है.

पुलिस का मानना है कि त्योहार से पहले इस तरह की कार्रवाई से शहर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी और असामाजिक तत्वों में कानून का डर पैदा होगा.

सूरत

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुटाया गया डेटा, फिर हुई छापेमारी

सूरत के कार्यवाहक पुलिस कमिश्नर वबांग जमीर ने बताया कि पूर्व पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया गया. इस अभियान की रूपरेखा क्राइम ब्रांच के एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस करणराज वाघेला ने तैयार की.

उन्होंने बताया कि पुलिस ने विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर धारदार हथियारों की बिक्री से जुड़ा डेटा एकत्र किया. इसके बाद वैध खरीदारी करने वालों को अलग कर केवल संदिग्ध लोगों और आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों का डेटा तैयार किया गया.

इसी इनपुट के आधार पर शहर के अलग-अलग इलाकों में रेड और सर्च ऑपरेशन चलाए गए, जहां से बड़ी संख्या में प्रतिबंधित हथियार और संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया.

15 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड, 5 पर हत्या और हत्या के प्रयास के केस

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वबांग जमीर ने बताया कि 1 जुलाई से अब तक चले अभियान में पुलिस ने 100 से अधिक रैम्बो नाइफ, बटन नाइफ और अन्य घातक हथियार जब्त किए हैं. साथ ही 70 संदिग्धों के खिलाफ बॉम्बे पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत कार्रवाई की गई है.

पुलिस जांच में गिरफ्तार 70 लोगों में से 15 का आपराधिक इतिहास सामने आया है. इनमें सभी के खिलाफ पहले भी शरीर संबंधी अपराध दर्ज हैं. वहीं पांच आरोपी ऐसे मिले जिनके खिलाफ हत्या (धारा 302) और हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसे गंभीर मामलों में भी संलिप्तता पाई गई है.

सूरत

पुलिस कमिश्नर ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस तरह के प्रतिबंधित हथियार होने की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. उनका कहना है कि कई बार सामान्य कहासुनी भी हथियार होने की वजह से गंभीर वारदात में बदल जाती है. जनता के सहयोग से ऐसे अपराधों को रोकना और शहर में शांति बनाए रखना आसान होगा.

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