गुजरात जैसे शराबबंदी वाले राज्य में शराब तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश करते हैं. ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सूरत में सामने आया है, जहां तरबूज की आड़ में शराब की तस्करी की जा रही थी. सूरत पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र पासिंग वाले एक टेम्पो में तरबूज भरकर लाए जा रहे थे, जिनके नीचे शराब की पेटियां छिपाई गई थीं. तस्करों की इस तरकीब को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई. यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर की गई.
क्राइम ब्रांच की टीम ने पुणा कांगारू सर्कल ब्रिज के पास एक बोलेरो पिकअप टेम्पो को रोका और उसकी तलाशी ली. तलाशी के दौरान तरबूज के ढेर के नीचे से विदेशी शराब की पेटियां बरामद हुईं, जिसकी कीमत 4.88 लाख रुपये बताई गई है.
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8.48 लाख का माल जब्त, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने टेम्पो ड्राइवर के पास से शराब की बोतलें जब्त कीं. कुल मिलाकर 8.48 लाख रुपये का माल-सामान बरामद किया गया, जिसमें बोलेरो पिकअप वाहन और एक मोबाइल फोन भी शामिल है. जब्त बोलेरो पिकअप (MH-12-QG-7784) की कीमत 3.50 लाख रुपये और मोबाइल की कीमत 10 हजार रुपये आंकी गई है.
इस कार्रवाई में पुलिस ने राजू उर्फ लोहार उर्फ राजूलाल (38) को गिरफ्तार किया है, जो राजस्थान के झालावाड़ जिले के कीटिया गांव का निवासी है. आरोपी के पास से 50 पेटी भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) बरामद की गई.
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
पहले भी दर्ज है केस, कई धाराओं में मुकदमा
सूरत पुलिस कमिश्नर और क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शहर में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी रोकने के लिए पेट्रोलिंग तेज की गई थी. इसी दौरान ‘आर्म्स स्क्वाड’ को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई.
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गुजरात नशाबंदी (संशोधन) अधिनियम-2017 की धारा 65(ए), 65(ई), 81, 98(2) और भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023 की धारा 336(2), 336(3), 340(2), 54 के तहत केस दर्ज किया है.
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राजू पहले भी अपराध कर चुका है. वर्ष 2021 में सूरत के डीसीबी पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ नशाबंदी अधिनियम के तहत मामला दर्ज हो चुका है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.