गुजरात के जूनागढ़ वन विभाग की वेरावल रेंज में वन विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का एक शानदार उदाहरण देखने को मिला. सुतरापाड़ा-कोडीनार हाईवे पर देर रात अचानक चार शेरनियां अपने छोटे शावकों के साथ मुख्य सड़क पर आ गईं. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कुछ समय के लिए हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोककर पूरे शेर परिवार को सुरक्षित तरीके से सड़क पार कराया.
जानकारी के अनुसार, यह घटना जूनागढ़ वन विभाग की वेरावल रेंज के अंतर्गत आने वाले सुतरापाड़ा-कोडीनार हाईवे की है. देर रात जब शेर परिवार के हाईवे पर होने की सूचना मिली तो उप वन संरक्षक, जूनागढ़ के मार्गदर्शन में सुतरापाड़ा रेंज का वन स्टाफ तुरंत मौके के लिए रवाना हो गया.
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचते ही स्थिति का आकलन किया और सबसे पहले हाईवे के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित तरीके से कुछ समय के लिए रोक दिया. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि शेरनियां और उनके शावक बिना किसी बाधा और खतरे के आराम से सड़क पार कर सकें.
शेर परिवार के लिए थम गई हाईवे की रफ्तार
हाईवे पर वाहनों की हेडलाइटों की रोशनी के बीच चारों शेरनियां अपने छोटे शावकों के साथ पूरी तरह शांत और निडर नजर आईं. वन विभाग की निगरानी में पूरा शेर परिवार धीरे-धीरे सड़क पार करता हुआ सुरक्षित दूसरी ओर पहुंच गया. इस दौरान किसी तरह की अफरा-तफरी या अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई.
पूरे घटनाक्रम के दौरान वन विभाग की टीम मौके पर लगातार मौजूद रही और हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी. अधिकारियों और वन कर्मचारियों के बेहतर समन्वय तथा समय पर की गई कार्रवाई के कारण शेर परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी. साथ ही हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों की सुरक्षा भी बनी रही.
वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से एक संभावित दुर्घटना टल गई. यदि समय रहते ट्रैफिक नहीं रोका जाता तो शेर परिवार और सड़क से गुजर रहे वाहन दोनों के लिए खतरा पैदा हो सकता था. लेकिन वन विभाग की सतर्कता के कारण पूरा अभियान सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा हुआ.
वन विभाग ने दिखाई शानदार सतर्कता
जूनागढ़ वन विभाग ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की है. विभाग की ओर से इस घटना का वीडियो भी जारी किया गया है. वीडियो में चारों शेरनियां अपने शावकों के साथ हाईवे पार करती हुई दिखाई दे रही हैं, जबकि वन विभाग की टीम पूरे समय मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी करती नजर आ रही है. यह घटना मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन और सहअस्तित्व का एक अच्छा उदाहरण बनकर सामने आई है. समय पर की गई कार्रवाई से वन्यजीवों और लोगों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई.