दिल्ली पुलिस का दावा है कि जंतर मंतर पर हुए प्रोटेस्ट के दौरान आपराधिक बैकग्राउंड वाले 2873 लोग मौजूद थे. इन अपराधियों की पहचान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और तकनीकी तरीकों से की गई है. अब चर्चा इस बात की हो रही है कि जंतर मंतर की तरह ही लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर यानी संसद में भी बाहर यही फेशियल रिक्गनिशन सिस्टम लगा होता तो क्या पता चलता?