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शिक्षा मंत्रालय की बिल्डिंग में आग लगने पर AAP और कांग्रेस ने उठाए सवाल

सोमवार सुबह शिक्षा मंत्रालय की बिल्डिंग में आग लगने की घटना सामने आई. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया. वहीं, इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं.

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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा- जांच की आंच से पहले ही आग की आंच शिक्षा मंत्रालय पहुंच गई. (File Photo: ITG)
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा- जांच की आंच से पहले ही आग की आंच शिक्षा मंत्रालय पहुंच गई. (File Photo: ITG)

दिल्ली में सोमवार को शिक्षा मंत्रालय की बिल्डिंग में आग की घटना सामने आई. ITO स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग की दूसरी मंजिल पर आग लगी. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया गया. घटना के बाद शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि आग मामूली थी और उस पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया. शिक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि इस घटना में किसी भी तरह की जान‑माल की हानि नहीं हुई.

इस बीच, आग की घटना को लेकर कई नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. इस मामले को सीबीएसई के ऑन‑स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम विवाद से जोड़ा जा रहा है. बता दें, सीबीएसई ने इस साल कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में OSM प्रणाली लागू की थी, लेकिन परिणाम घोषित होने पर कई शिकायतें सामने आईं.

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आग की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि शिक्षा मंत्रालय में आग लग गई है और सवाल उठाया कि क्या सीबीएसई OSM गड़बड़ी से जुड़े टेंडर दस्तावेज रहस्यमय तरीके से जल जाएंगे?

यह भी पढ़ें: दिल्ली: ITO पर स्कूल ऑफ प्लानिंग की इमारत में लगी आग

वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा कि जांच की आंच से पहले ही आग की आंच शिक्षा मंत्रालय पहुंच गई. पवन खेड़ा ने इसे अद्भुत संयोग भी बताया.

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मनोज झा ने उठाए सवाल

आरजेडी नेता मनोज झा ने भी शिक्षा मंत्रालय की बिल्डिंग में लगी आग की घटना पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी गंभीर चिंताओं, जैसे परीक्षाओं की विश्वसनीयता, परिणामों में गड़बड़ियां और छात्रों के भविष्य को लेकर उठते सवालों के बीच अगर शिक्षा विभाग के भवन में आगजनी की खबर आती है, तो यह सामान्य नहीं लगती.

मनोज झा ने कहा कि ऐसे समय में जब जवाबदेही और पारदर्शिता की सबसे अधिक जरूरत थी, अचानक आग लगने की घटना कई प्रश्न खड़े करती है. उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष, गहन और वक्त पर जांच हो, ताकि तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने आए और जनता का भरोसा बने रहे.

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