मनोज झा (Manoj Jha) राज्यसभा के सदस्य हैं. वह राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं. 15 मार्च 2018 को, उन्हें बिहार राज्य से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया था.
मनोज का जन्म 5 अगस्त 1967 को बिहार के सहरसा जिला में हुआ है. उन्होंने पटना कॉलेज से एम.ए. किया और 1992 में दिल्ली विश्वविद्यालय से सामाजिक कार्य विभाग से मास्टर डिग्री और 2000 में पीएचडी पूरी की (Manoj Jha Education).
दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क में शामिल होने से पहले वह 1994 से 2002 तक जामिया मिलिया इस्लामिया के सामाजिक कार्य विभाग में लेक्चरर थे. वह स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, दिल्ली के विजिटिंग फैकल्टी भी हैं. उनकी शोध रुचि में राजनीतिक अर्थव्यवस्था और शासन, सामाजिक कार्रवाई और सामाजिक आंदोलन, बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक संबंध और शांति और संघर्ष अध्ययन भी शामिल हैं.
वह दिल्ली विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग में प्रोफेसर रहे हैं और 2014 से 2017 के बीच इसके प्रमुख रहे हैं.
उनके पास गांधी के दृष्टिकोण से भाषण देने का मौका था, लेकिन वे अनजाने में वह अवसर खो बैठे. अगर वे वहाँ जाते और भाषण देते, तो पापुलर रिवर्बेशन होता और दुनिया के कई छोटे-छोटे देश भी इजरायल को यह साफ संदेश दे पाते कि गाजा में जो कुछ भी हो रहा है, वह किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है. इस तरह के दृष्टिकोण से यह स्पष्ट होता है कि पलेस्टीन के लिए न्याय और शांति का समर्थन करना हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है.
यह वाक्य स्पष्ट करता है कि माननीय प्रधानमंत्री केवल किसी पार्टी के नेता नहीं हैं बल्कि पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं. जब कोई भी प्रधानमंत्री इजरायल जैसे देशों का दौरा करते हैं तो उनके कंधों पर भारत की नैतिक विरासत का ज़िम्मा भी होता है. यह राष्ट्रीय नेतृत्व और नैतिक जिम्मेदारी का प्रतीक है जो देश के प्रधानमंत्री पर होता है.
आरजेडी नेता मनोज झा ने अमेरिका से ट्रेड डील के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरे देश में जब इतना बड़ा कन्फ्यूजन होता है और एक बड़े सेक्टर में हाहाकार मची होती है तो यह बहुत चिंता का विषय बन जाता है. मंत्री जी केवल राज्यसभा में आकर बयान देते हैं, बिना किसी प्रश्न या क्लैरिफिकेशन के जवाब दिए.
एक ऐसी यूनिवर्सिटी जो खुली तक नहीं थी और जिसके अस्तित्व की शुरुआत भी नहीं हुई थी, उसे इंस्टीट्यूट ओफ़ एमिनेंस का दर्जा दिया गया है. यह मामला केवल गलगोटिया यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं है. इस प्रकार का आउटरेज हमारे मौजूदा शैक्षणिक प्रतिमानों और व्यवस्थाओं के लिए एक गंभीर सवाल है. इस फैसले ने शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और नियमों की सत्यता पर भी प्रश्न खड़ा किया है.
RJD नेता मनोज कुमार झा ने बिहार विधानसभा में कई अहम मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी. उनमें से एक मुद्दा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना भी था. इसी के साथ मनोज झा ने एक सायरी सुनाई जिसकी लाइन कुछ यू थी- जब वक्त थोड़ा बुरा होता है तो वक्त भी गुजरता है, और वक्त के बीच से हम बी गुजर जाते है.
RJD नेता मनोज झा ने ऐंजल चकमा केस में RSS और बीजेपी पर तीखा वार किया है. उन्होनें इसके लिए RSS को और बीजेपी नेताओ की नफरत वाली भाषा को जिम्मेदार ठहराया. उन्होनें कहा कि कौन सी पलिटिकल पार्टी उनसे प्रेरणा लेती है, साथ ही उन्होेेनें बीजेपी पर भी हमला बोला.
RJD नेता मनोज झा ने आरएसएस चीफ मोहन भागवत पर ऐंजल चकमा कोस को लेकर तीखा वार किया है. उन्होनें कहा कि उत्तराखंड में त्रिपुरा के एक बच्चे की मौत हो गई. उन्होनें कहा कि भाषा और नस्लवाद का नंगा स्वरूप दे रहे है हम. इतना जहर बोया गया है तब आप चुप है.
आरजेडी नेता मनोज झा ने 'जी राम जी' बिल पर कहा कि कभी कभी ऐसे बिल पास कराए जाते हैं जो मति मारी के समान होते हैं. यह अधिकार की भावना के लिए हानिकारक होता है. हाल ही में मैंने लोहिया जी की बात साझा की थी जो कुछ लोगों को नागवार गुजरी.
RJD नेता मनोज झा ने शिवराज पाटिल के देहांत पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होनें कहा कि कांग्रेस पार्टी को एक अपूरणीय क्षति हुई है जिसने वर्षों तक विभिन्न पदों पर सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनके कार्यों से समाज ने बहुत कुछ सीखा और लाभ पाया है.
बिहार चुनाव पर बात करते हिुए आरजेडी नेता मनोज झा ने समझाया कि अबकी बार का चुनाव पहले से कैसे अलग है. उन्होनें कहा कि 'जो मेरा आकलन है, ये बदलाव का चुनाव है और सन 52 के बाद मौलिक मुद्दों पर पहली बार मैं समझता हूं आप रोटी, थाली, रोजगार, नौकरी, सामाजिक सुरक्षा इन विषयों पे बात हो रही है'.
बिहार में चुनाव प्रचार के बीच आरजेडी नेता मनोज झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है. मनोज झा ने पीएम मोदी की चुनावी भाषा की आलोचना करते हुए कहा कि 'कट्टा, क्रूरता, कपाट, कालिख' जैसी तुकबंदी प्रधानमंत्री पद की गरिमा को कम करती है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी प्रधानमंत्री को भाषाई गरिमा इतना गिराते हुए नहीं देखा गया है.
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच RJD ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को सीधे बैंक खाते में 10,000 रुपये देने पर सवाल उठाए हैं. RJD सांसद मनोज झा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि 17, 24 और 31 अक्टूबर को पैसा भेजा गया और अगली किस्त 7 नवंबर को दी जानी है, जो वोटिंग से तीन दिन पहले है.
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया ब्लॉक और एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. आरजेडी ने कुछ उम्मीदवारों को सिंबल देना शुरू कर दिया है, जबकि कांग्रेस को 60 सीटों का ऑफर मिला है. मनोज झा और इमरान प्रतापगढ़ी के शायराना अंदाज से अंदरूनी मतभेद झलक रहे हैं.
इस वीडियो में बताया गया है कि बीजेपी प्लस में चिराग साहब, कुशवाहा जी और मांझी जी शामिल हैं जबकि दूसरी तरफ नीतीश जी हैं. कई वर्षों तक बीजेपी को बड़े भाई का दर्जा दिया गया था लेकिन अब उनकी भूमिका पूरी तरह खत्म हो गई है.
आरजेडी नेता मनोज झा ने कहा कि बीजेपी ने चारों दौरों में बातचीत की और जदयू को मिले 101 की संख्या को सही ढंग से कैसे समझना चाहिए. वीडियो में दो संख्याओं एक सौ बयालीस और एक सौ एक पर फोकस किया गया है, जिनका सही मतलब स्पष्ट किया गया है. यह जानकारी राजनीतिक समझ को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है.
आरजेडी सांसद मनोज झा ने चुनाव आयोग पर टिप्पणी कर कहा कि चुनाव आयोग के पास जगह की कमी नहीं है, बल्कि दिल में जगह की कमी है. उन्होंने यह भी कहा कि यह एक ऐसा दौर है जिसमें तानाशाह सब कुछ खत्म कर देगा, लेकिन यह दौर जल्द ही बीत जाएगा. विपक्षी दल अपनी बात चुनाव आयोग को कहना चाहते हैं और वे चाहते हैं कि चुनाव आयोग उनकी बात सुनने के लिए तैयार हो.
राजद नेता मनोज झा ने लोकतंत्र में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' को 'स्पेशल इंटेंसिव डिलीशन' में बदलने पर गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि यह पूरे देश, खासकर बिहार के लिए एक गंभीर मुद्दा है. सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के बावजूद, चुनाव आयोग आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को समायोजित नहीं कर रहा है, जिससे प्रति विधानसभा क्षेत्र बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं.
आरजेडी के प्रोफेसर मनोज कुमार झा ने बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था. उपसभापति हरिवंश ने इसे अनुमति नहीं दी. उपसभापति ने सदन में कारण भी बताए कि क्यों इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हो सकती.
संसद में सिंधु जल समझौते पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जिक्र किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस समझौते को लेकर नेहरू की कूटनीति पर सवाल उठाए. वहीं, आरजेडी सांसद मनोज झा ने इस टिप्पणी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को बार-बार दोष मढ़ने के बजाय नेहरू पर मुकदमा ही दर्ज करा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि नेहरू इस सरकार के लिए 'लाइफ वेस्ट' की तरह हैं.
जांच रिपोर्ट को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने सवाल उठाते हुए कहा, 'जिनके ऊपर आरोप लगाया जा रहा है वो लोग तो मर गए हैं. पायलट कैसे अपने आपको बचाने आएंगे अब. बड़ी कंपनी है, बड़े लोग हैं. इनके हाथ में सब कुछ है. पायलट तो मर गए हैं. वो तो अब आकर कुछ कहेंगे नहीं. रिपोर्ट में गंभीरता का अभाव दिखा.'
बिहार में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है. इससे पहले राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति पर काम करना तेज़ कर दिया है. पटना में 4 मई को तीसरी बार महागठबंधन दलों की बैठक हुई...