दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार रात तेज बारिश, गरज और धूल भरी आंधी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया. इस दौरान हवाएं इतनी तेज चलीं कि पिछले कई दशकों के कुछ सबसे शक्तिशाली झोंके दर्ज किए गए. हालांकि, बारिश उतनी नहीं आई, जितनी उम्मीद की जा रही थी.
धूल भरी आंधी, तेज हवाओं, बिजली की चमक और हल्की बारिश के साथ आए इस भीषण मौसम ने राजधानी को गर्मी से तो राहत दी, लेकिन शहर के कई हिस्सों में हालात भी बिगाड़ दिए.
पूसा में देर रात 128 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा का सबसे तेज झोंका दर्ज किया गया, जबकि पालम में हवा की गति 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई, जो 25 साल पुराने रिकॉर्ड के बराबर है.
पालम ने 2001 के रिकॉर्ड को टक्कर दी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि पालम में शाम 6:50 से 6:52 बजे के बीच हवा की अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई, जो 4 जून, 2001 को स्टेशन द्वारा बनाए गए पिछले रिकॉर्ड के बराबर है.
हालांकि, ऐतिहासिक आंकड़ों से पता चलता है कि इससे पहले के दशकों में इससे भी तेज हवा के झोंके दर्ज किए गए थे, जिनमें मई 1991 में 147 किमी प्रति घंटा, मई 1989 में 145 किमी प्रति घंटा, जून 1997 में 139 किमी प्रति घंटा और जून 1988 में 126 किमी प्रति घंटा शामिल हैं.
पालम के अलावा, दिल्ली भर के कई निगरानी केंद्रों ने तेज हवाओं की जानकारी दी. सफदरजंग में 64 किमी प्रति घंटा, पूसा में 80 किमी प्रति घंटा, जाफरपुर में 59 किमी प्रति घंटा, छतरपुर में 56 किमी प्रति घंटा, पीतमपुरा में 35 किमी प्रति घंटा, लोदी रोड में 31 किमी प्रति घंटा और जनकपुरी में 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा के झोंके दर्ज किए गए.
इस तूफान के कारण दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और दिन की भीषण गर्मी से राहत मिली.
इससे पहले, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर पश्चिमी भारत में अनुकूल मौसम की स्थिति विकसित होने के कारण दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश, ओलावृष्टि, मध्यम बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान लगाया था.
अशांत मौसम के पीछे चक्रवाती सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मध्य पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया.
स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि दिनभर की भीषण गर्मी और अरब सागर से आने वाली नमी के मेल ने आंधी-तूफान के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार कर दीं. इसी वजह से क्षेत्र में तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और बारिश देखने को मिली.
उन्होंने कहा कि बुधवार को भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है. कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. बुधवार के लिए मौसम विभाग ने आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर गरज और बिजली गिरने की संभावना जताई है. अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 44 डिग्री सेल्सियस और 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है.
11 जून से और ज्यादा बारिश होगी
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 11 जून से पूर्व-मानसून की गतिविधियां और तेज होंगी, जिससे दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में काफी ज्यादा बारिश होगी.
बढ़ी हुई बारिश से आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने की उम्मीद है, जिससे मौजूदा लू जैसी स्थिति से काफी राहत मिलेगी.
अधिकारियों ने निवासियों को सलाह दी है कि वे आंधी-तूफान के दौरान सतर्क रहें और एकांत पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों के पास या अन्य कमजोर संरचनाओं के पास रुकने से बचें.