दिल्ली दंगों से जुड़े IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व एमसीडी पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद सियासत गरमा गई है. बीजेपी ने इस फैसले को लेकर अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला, जबकि AAP ने जवाब देते हुए कहा कि ताहिर हुसैन को पार्टी से काफी पहले ही निकाल दिया गया था.
दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व AAP नेता ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को दोषी करार दिया है. फैसले के बाद बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया.
BJP ने केजरीवाल को घेरा
सीएम रेखा गुप्ता ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अदालत द्वारा ताहिर हुसैन को दोषी करार दिए जाने के बाद अब जाकर न्याय हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि ताहिर ने दिल्ली में दंगे भड़काने का काम किया और वह दिल्ली के साथ-साथ यहां की जनता का भी दोषी है, जिसने हजारों परिवारों को गहरी पीड़ा दी. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को पूरा राजनीतिक संरक्षण दिया और यह सब एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश का हिस्सा था. उन्होंने मांग की कि अरविंद केजरीवाल को जवाब देना चाहिए कि दिल्ली दंगों में जो कुछ भी हुआ, उसकी राजनीतिक जिम्मेदारी किसकी है, क्योंकि अब इस सजा के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं की जवाबदेही सीधे तौर पर दिल्ली की जनता के प्रति बनती है.
पूर्व दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने से साफ हो गया है कि 2020 के दंगों में उसकी भूमिका बेहद गंभीर थी. उन्होंने कहा कि अदालत ने उसे हथियार रखने, हिंसक भीड़ को उकसाने और अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े मामले में दोषी पाया है. सचदेवा ने दावा किया कि बीजेपी शुरू से कहती रही है कि अरविंद केजरीवाल ऐसे लोगों को संरक्षण देते रहे. उन्होंने कहा कि दिल्ली दंगों में कई बेगुनाह लोगों की जान गई और हजारों परिवार प्रभावित हुए. उनके मुताबिक, उस समय आम आदमी पार्टी की भूमिका को लेकर उठे सवाल आज भी बने हुए हैं. उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की भी सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने हालात संभाले और आरोपियों को कानून के सामने लाकर खड़ा किया.

वहीं बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी ट्वीट कर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि साल 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में अदालत ने अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी और पूर्व आप नेता ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी करार दिया है.
AAP ने किया पलटवार
बीजेपी के इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी की तरफ से भी पलटवार किया गया. आम आदमी पार्टी का साफ कहना है कि ताहिर हुसैन का अब उनसे कोई लेना-देना नहीं है और बीजेपी इस मामले को लेकर बेवजह उन्हें घेरने की कोशिश कर रही है.
साल 2020 के फरवरी महीने में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अचानक हिंसा भड़क गई थी. इसी दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में ताहिर हुसैन समेत कई लोगों के खिलाफ हत्या, हिंसा और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था. अब इस मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित पांच आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी करार दे दिया है. इस मामले में सजा पर फैसला 23 जुलाई को सुनाया जाएगा.