राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पिछले साल दिल्ली के लाल किला के पास हुए कार बम विस्फोट मामले में सोमवार को फॉरेंसिक रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी. इस विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई थी. सूत्रों के मुताबिक यह रिपोर्ट विशेष न्यायाधीश पीतांबर दत्त की अदालत में पेश की गई है. अदालत अब इस फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच करेगी और इसके आधार पर आगे के आदेश जारी करेगी.
वहीं अदालत ने मामले में गिरफ्तार नौ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 13 जुलाई तक बढ़ा दी है. यह मामला पिछले साल 10 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए हाई-इंटेंसिटी व्हीकल बॉर्न IED ब्लास्ट से जुड़ा है. लाल किला के पास हुए इस कार बम विस्फोट ने पूरे देश को हिला दिया था. जांच एजेंसियों के मुताबिक विस्फोटकों से भरी कार में धमाका हुआ था, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हुए थे.
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इससे पहले 14 मई को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में 7,500 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी. एजेंसी ने आरोप लगाया था कि यह एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी और इसमें कई लोगों की भूमिका सामने आई है. पिछले महीने जांच एजेंसी ने मामले में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की थी, जिसमें तीन और लोगों को आरोपी बनाया गया. इनमें एक फरार बाल रोग विशेषज्ञ भी शामिल है, जिसे आतंकी मॉड्यूल का संस्थापक सदस्य बताया गया है.
जांच एजेंसी का दावा है कि इन लोगों की भूमिका विस्फोट की साजिश और उसके क्रियान्वयन में रही. अब तक इस मामले में कुल 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. इनमें मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी भी शामिल है, जो विस्फोटकों से भरी कार चला रहा था और धमाके में उसकी भी मौत हो गई थी. राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस मामले की जांच को देश की सुरक्षा से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला मानते हुए आगे बढ़ा रही है.