दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को हुए प्रदर्शन के दौरान करीब 110 लोगों को हिरासत में लिया गया. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के करीब 15 जवान घायल हो गए. दिल्ली पुलिस सभी घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल करवा रही है.
जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश और बैरिकेड तोड़े जाने के बाद प्रदर्शन ने तनाव का रूप ले लिया. प्रदर्शनकारियों ने हिरासत में लिए गए लोगों को ले जा रही बसों को रोकने की भी कोशिश की. इसके बाद दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई.
प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ता, उसकी छात्र इकाई ASAP के सदस्य, NSUI कार्यकर्ता, AISA के कार्यकर्ता और अन्य संगठनों के लोग शामिल हुए. यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर उठे विवाद के बीच हुआ.
सौरभ भारद्वाज ने लगाया आरोप
AAP ने बताया कि दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज, विधायक संजीव झा और कुलदीप कुमार समेत पार्टी के 25 कार्यकर्ताओं और ASAP के वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया गया. पार्टी ने आरोप लगाया कि हिरासत में लेने के दौरान उसके नेताओं के साथ मारपीट की गई और उन्हें बसों में ले जाया गया. सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें पैरों से उल्टा उठाया और करीब-करीब उनका दम घुट गया. AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की.
इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा
AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR को लेकर उठ रहे सवालों और वोट देने के अधिकार से जुड़े मुद्दों का जवाब पारदर्शिता और तथ्यों के जरिए दिया जाना चाहिए. विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को CEC पद से हटाए जाने तक पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी. वहीं, दिल्ली बीजेपी प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने प्रदर्शन को लेकर AAP पर दिल्ली के राजनीतिक माहौल को खराब करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया. AAP ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक उसका प्रदर्शन जारी रहेगा.