देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर आग की घटना सामने आई है. मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के पीछे, तकिया काले खान इलाके की बाल्मीकि बस्ती की झुग्गियों में भीषण आग लग गई. घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की 24 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं
कड़ी मशक्कत के बाद अब आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है. राहत की बात ये है कि इस हादसे में फिलहाल किसी के हताहत होने या किसी की जान जाने की कोई खबर नहीं है.
फायर ब्रिगेड अधिकारी ने बताया कि उन्हें 11 बजकर 22 मिनट पर आग की जानकारी मिली थी. आग की गंभीरता देखते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बढ़ाई गईं और मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया.
रात करीब 11 बजे भड़की आग
घटना के एक चश्मदीद मोहम्मद फैजान ने मीडिया को बताया, 'रात के पौने 11 बज रहे थे. हम सामने बैठे थे और हमने आग की लपटें उठती हुई देखीं. तो हम इधर की तरफ भागकर आए तो देखा कि आग लग गई थी और आग ऐसी थी कि बुझाए नहीं बुझ रही थी. हम अंदर जा रहे थे तो उसकी लपटें हमारे ऊपर आ रही थीं.'
चश्मदीद ने आगे बताया, 'एक बिल्डिंग में 8 लोग फंसे हुए थे, जिन्हें अंडरग्राउंड रास्ते से उन्हें निकाला गया. उनके बाहर आते ही सिलेंडर फटने लगे और आग बढ़ती चली गई. फिर फोन करने के 5 मिनट बाद ही एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड आ गईं. जब हम बाहर निकल रहे थे, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी. फिर बिजली के खंभों में आग लगने लगी और आग बढ़ते-बढ़ते चारों तरफ फैल गई.'
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लकड़ियों की भारी मात्रा के चलते बेकाबू हुई आग
दूसरे चश्मदीद मोहम्मद यूसुफ ने बताया, 'जब आग लगी तो हमने हल्की आग समझी और ड्रमों से पानी डालकर बुझाने की कोशिश की. हमने ऊपर सो रहे लोगों को बचाया, फिर लकड़ियां हटवाईं. लेकिन लकड़ियां बहुत थीं, लकड़ी की और पक्की झुग्गियां थीं लेकिन आग काबू नहीं आई. फिर हमें फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग से बाहर निकाला क्योंकि बिजली के तारों में भी आग लगी थी. हमने 5-10 लोगों को बचाया.'