दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने भव्य राम मंदिर में रामलला के दर्शन-पूजन किए. दर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में दर्ज की गई FIR महज एक दिखावा और छलावा है.
अरविंद केजरीवाल ने घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा, "इतने बड़े घोटाले को इतने लंबे समय तक केवल जूनियर स्तर के कर्मचारी अकेले अंजाम नहीं दे सकते थे. यह पूरी तरह से साफ है कि इस भ्रष्टाचार की कड़ियां और तार बहुत ऊपर तक जुड़े हुए हैं. इस मामले में असली प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जबकि पूरा दोष निचले स्तर के कर्मचारियों के सिर मढ़ा जा रहा है."
भगवान राम के दरबार में न्याय की गुहार लगाने की बात कहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "हमने भगवान राम के दर्शन किए और मंदिर में हुए इस इतने बड़े घोटाले को लेकर प्रभु से प्रार्थना की है, जिन्होंने भी यह पाप किया है और आस्था के साथ खिलवाड़ किया है, उन्हें भगवान राम कठोर से कठोर सजा दें."
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केजरीवाल के साथ आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी मौजूद थे, बता दें कि एक दिन पहले ही संजय सिंह लखनऊ पहुंचे थे, उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्र्स्ट ने जमीनों की खरीद में भी भेदभाव किया है. उनका कहना है कि राम मंदिर के पास की जमीने सस्ते दामों में खरीदा गया और जो ज़मीनें दूर थीं उन्हें महंगे दामों पर खरीदा गया. उनका आरोप है कि ट्रस्ट के करीबियों को फायदा पहुंचाया गया है.
केजरीवाल राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मामले में लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं, उन्होंने एक दिन पहले ही एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा- 'चंपत राय ने PM को हिसाब देने से मना कर दिया. इतनी हिम्मत कैसे हो गई चंपत राय की. ऐसे क्या राज जानते हैं चंपत राय कि PM भी उनके सामने मजबूर हैं?
और दूसरी ओर SIT छोटे छोटे कर्मचारियों को बुला कर सबकी आंखों में धूल झोंक रही है.
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