सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. वह तिरंगा मार्च के लिए घर से निकले थे. हिरासत में लिए जाने से पहले अभिजीत ने कहा कि वह अकेले हैं और अकेले ही जा रहे हैं. इस दौरान वह लगातार पूछते रहे कि वह प्रदर्शन के लिए कहां जाएंगे. वह बार-बार कहते रहे, "मैंने किया क्या है?"
अभिजीत एनसीपी-एससीपी के प्रवक्ता अनीश गावंडे के आवास से निकले थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया. एक पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा कि उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया जा रहा है. अधिकारी ने बताया कि कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू है और इसी के तहत उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है.
यह भी पढ़ें: 'मकसद रिजीम चेंज, बांग्लादेश...', राहुल गांधी और CJP पर धर्मेंद्र प्रधान ने साधा निशाना
सीजेपी ने आज कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लेहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन का ऐलान किया था. हालांकि, कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू है और तिरंगा यात्रा के लिए एनडीएमसी से अनुमति नहीं मिली है. प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में भारी सुरक्षा तैनात की गई है. रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान और अन्य सुरक्षाबल इलाके में फ्लैग मार्च कर रहे हैं.
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त और पीआरओ राजीव रंजन ने कहा कि इस मामले में कोई भी उनसे मिलने नहीं आया और न ही किसी खास सूची को लेकर कोई सूचना या अनुरोध मिला है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने के नियम फ्लैग कोड में दिए गए हैं और हर नागरिक को उनका पालन करना चाहिए. पुलिस ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी जानकारी साझा की है.
राजीव रंजन ने यह भी कहा कि किसी पुलिस अधिकारी या किसी अन्य व्यक्ति की निजी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करना निजता का उल्लंघन है. उन्होंने बताया कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान की तस्वीरें या वीडियो उनकी निजी जानकारी के साथ साझा कर रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, ऐसा करना अनुचित और गैरकानूनी है.
दिल्ली पुलिस ने दिपके को पहले भी हिरासत में लिया
दिल्ली पुलिस ने इससे पहले भी अभिजीत दिपके को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया था. उस समय उन्हें बॉन्ड डाउन किया गया था. कोर्ट ने 50 हजार रुपये के पीस बॉन्ड पर उन्हें रिहा किया था और एक साल तक अशांति नहीं फैलाने का निर्देश देते हुए बॉन्ड पर हस्ताक्षर करवाए थे. इसके बावजूद सीजेपी ने तिरंगा मार्च जारी रखने का ऐलान किया है. पार्टी ने समर्थकों से पांच से कम लोगों के समूह में कनॉट प्लेस पहुंचने, राष्ट्रीय ध्वज के साथ तस्वीर लेने और फिर वहां से चले जाने की अपील की है. पार्टी ने #LeharaDoTiranga हैशटैग के साथ कहा कि तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है.
यह भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, तिरंगा फहराने से रोकने पर सरकार पर बरसे अभिजीत दिपके
दिल्ली पुलिस ने दिपके को दिए दो नोटिस
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके को आज दो नोटिस दिए हैं. दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत जारी एक नोटिस में उन्हें सेंट्रल पार्क नहीं जाने का निर्देश दिया गया है. इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू होने का हवाला दिया गया है. वहीं, दूसरा नोटिस दक्षिण-पश्चिम दिल्ली पुलिस की ओर से दिया गया है. यह एयरपोर्ट पर हुई उस घटना से जुड़ा है, जब अभिजीत, आशुतोष और सौरव को एहतियातन हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया था. दिल्ली पुलिस के सूत्र के मुताबिक, उस समय कोर्ट ने उन्हें एक साल तक सार्वजनिक शांति भंग नहीं करने का निर्देश दिया था.