छत्तीसगढ़ के वन्यजीव इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. राज्य वन्यजीव बोर्ड ने बेहद अनोखी और खूबसूरत 'ऑरेंज ओकलीफ' (Orange Oakleaf) तितली को प्रदेश की पहली आधिकारिक 'राज्य तितली' घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अपनी अद्भुत छद्म आवरण और तेज उड़ान के लिए पहचानी जाने वाली यह तितली अब छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पहचान बन गई है. पंख बंद तो सूखा पत्ता, खोलते ही जादूई रंग...
ऑरेंज ओकलीफ तितली की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्राकृतिक बनावट है. जब यह तितली अपने पंखों को बंद करती है, तो हूबहू पेड़ से गिरे एक सूखे पत्ते की तरह दिखाई देती है, जिससे जंगल में इसे पहचान पाना बेहद मुश्किल हो जाता है. इसके विपरीत, जब यह अपने पंख खोलती है, तो इसके भीतर से चमकीला और आकर्षक गहरा नीला, नारंगी और काला रंग दिखाई देता है, जो देखने वाले का मन मोह लेता है.
तेज उड़ान और चकमा देने की कला
यह तितली बहुत तेज उड़ान भरने वाली मानी जाती है. प्रकृति ने इसे ऐसी खूबी दी है कि जब यह अपने आसपास किसी तरह के खतरे को भांप लेती है, तो बिजली की तेजी से उड़ान भरती है. खतरे के वक्त यह तितली टेढ़ी-मीढ़ी उड़ान भरते हुए झाड़ियों में छिप जाती है और अचानक अपने पंख बंद कर लेती है. पंख बंद होते ही यह पलभर में 'सूखे पत्ते' में तब्दील हो जाती है, जिससे शिकारी गच्चा खा जाते हैं.
वन्यजीव बोर्ड की मीटिंग में अन्य अहम फैसले
नवा रायपुर में वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में तितली के दर्जे के साथ-साथ कई अन्य महत्वपूर्ण संरक्षण पहलों पर मुहर लगाई गई:
ब्लैकबक का रीलोकेशन: बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य से 50 ब्लैकबक (काला हिरण) को गोमर्डा वन्यजीव अभयारण्य ले जाने की मंजूरी दी गई है.
नया ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर: अंबिकापुर के संजय पार्क में मानव-वन्यजीव संघर्ष और दुर्घटनाओं में घायल जंगली जानवरों के त्वरित इलाज के लिए एक आधुनिक बचाव केंद्र बनाया जाएगा.
सड़क अपग्रेडेशन: संरक्षित वनों से गुजरने वाली 18 ग्रामीण सड़कों को अपग्रेड करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की सिफारिश की गई है.
आवास योजना और मुआवजा: हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे घरों की जगह पक्के घर बनाने के लिए मुख्यमंत्री विशेष आवास योजना और फसल नुकसान के मुआवजे पर 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' के तहत विचार करने का निर्णय लिया गया.