scorecardresearch
 

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने पार्टी छोड़ी, शाह की मौजदगी में होंगे BJP में शामिल

छत्तीसगढ़ की राजनीति में शह और मात का खेल लगातार जारी है. अभी सूबे में कांग्रेस अपने कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल उइके के बीजेपी में शामिल होने के घाव से उबरी भी न थी की पार्टी के उपाध्यक्ष घनाराम साहू भी बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं.

Advertisement
X
घनाराम साहू साहू (फाइल फोटो)
घनाराम साहू साहू (फाइल फोटो)

पहले दौर के मतदान के ठीक पहले छत्तीसगढ़ मे कांग्रेस को एक और जोरदार झटका लगा है. प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष घनाराम साहू ने इस्तीफा दे दिया, और अब वो बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं. सोमवार को अमित शाह की मौजूदगी में घनाराम साहू बीजेपी में शामिल होंगे. इसके पहले कांग्रेस के एक और कार्यकारी अध्यक्ष और तानाखार विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक रामदयाल उइके ने महीने भर पहले कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया था.

घनाराम साहू ने कांग्रेस छोड़ने से पहले पीसीसी चीफ भूपेश बघेल और सांसद ताम्रध्वज साहू पर संगीन आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि वे ना केवल उन्हें बल्कि साहू समाज को प्रताड़ित और उपेक्षित कर रहे है. उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा है कि वो पांच साल से पार्टी के उपाध्यक्ष हैं, लेकिन अब पार्टी में उनकी कोई पूछ नहीं होती और ना ही उन्हें कोई जिम्मेदारी दी गई है.

Advertisement

ताम्रध्वज साहू पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि दुर्ग ग्रामीण से एक महिला प्रत्याशी का बी फार्म काटकर खुद उनकी सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं. घनाराम साहू ने कहा कि कभी भी पार्टी की तरफ से उनसे किसी भी तरह की कोई बात नहीं की गई. यहां तक उनसे पूछा तक नहीं गया है। लिहाजा वो कांग्रेस में नहीं रहना चाहते हैं.

घनाराम साहू, दो बार अविभाजित दुर्ग, जिसमें बालोद और बेमेतरा जिला भी शामिल था, के अध्यक्ष रह चुके हैं. वे 1972 में निर्दलीय चुनाव जीते थे. लेकिन लगातार दो बार बीजेपी से हारने के चलते वो कांग्रेस की राजनीति में हाशिए में चले गए. वर्ष 2003 और 2008 में गुंडरदेही क्षेत्र से कांग्रेस की ओर से वे चुनावी मैदान में उतरे थे. इस बार भी उन्होंने गुंडरदेही या दुर्ग विधानसभा सीट से टिकट मांगा था. यहां तक की उन्होंने गुंडरदेही विधानसभा सीट से नामकंन फार्म तक खरीद लिया था. लेकिन जब टिकट नहीं मिली तो उन्होंने कांग्रेसी नेताओं को जमकर कोसा.

हालांकि उनके बीजेपी में प्रवेश की उम्मीद किसी को न थी. उधर उनके बीजेपी प्रवेश को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता रमेश वर्ल्यानी ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा है कि उनके जाने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने साहू समुदाय के आधा दर्जन उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है. इससे इस समुदाय की उपेक्षा का सवाल ही नहीं उठता. रमेश वर्ल्यानी ने कहा कि उनकी पार्टी ने जीतने योग्य उम्मीदवारों को टिकट दिया है.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement