अगर आप कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक और पैक्ड फ्रूट जूस पीते हैं तो अब सतर्क रहने की जरूरत है. इनको पीने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. PubMed में छपी नई रिसर्च में यह दावा किया गया है. रिसर्च के मुताबिक, शुगर-स्वीटेड बेवरेजेज पीने से पैंक्रियाज और कोलोरेक्टल कैंसर का रिस्क हो सकता है. रिसर्च में संतरे के जूस का भी स्किन कैंसर से संबंध बताया गया है. इस रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने चिंता जताई है.
यह रिसर्च वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड इंटरनेशनल के ग्लोबल कैंसर अपडेट प्रोग्राम के तहत की गई है. इसमें सितंबर 2024 तक प्रकाशित 51 बड़ी रिसर्च की 158 रिसर्च रिपोर्टों का विश्लेषण किया गया. वैज्ञानिकों ने यह समझने की कोशिश की कि शुगर-स्वीटेड बेवरेजेज और कैंसर के बीच क्या संबंध है. रिसर्च में पता चला कि शुगर-स्वीटेड बेवरेजेज कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं. कोल्ड ड्रिंक, लेमन-फ्लेवर्ड ड्रिंक, डिब्बाबंद जूस, एनर्जी और स्पोर्ट्स ड्रिंक्स ये सभी शुगर-स्वीटेड बेवरेजेज होते हैं. रिसर्च में बताया गया है कि रोजाना करीब 355 mL शुगर वाली ड्रिंक पीने पर पैंक्रियाज कैंसर का खतरा 9 फीसदी हो सकता है, वहीं, कोलोरक्टल कैंसर का रिस्क 7 फीसदी तक बढ़ सकता है.
संतरे के जूस से स्किन कैंसर का खतरा
रिसर्च में जो बात सबसे हैरान करने वाली है वह यह है कि संतरे के जूस को ज्यादा मात्रा में पीने से स्किन कैंसर का रिस्क होता है. संतरे के जूस से मेलानोमा और बेसल सेल कार्सिनोमा का रिस्क देखा गया है. इस बारे में मेदांता मेडिसिटी मूलचंद अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ तरुण कुमार ने बताया है.
डॉ कुमार कहते हैं कि संतरे और कैंसर क संबंध का मुख्य कारण संतरे में पाए जाने वाले फ्यूरोकोउमरिन और सोरालेन हैं. यह स्किन को सूरज की U.V किरणों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना देते हैं. जब आप अधिक मात्रा में संतरे का जूस पीते हैं, तो ये फ्यूरोकोउमरिन और सोरालेन आपके शरीर में प्रवेश कर स्किन तक पहुंचते हैं. इसके बाद जब आप धूप में निकलते हैं, तो ये एक्टिव होकर फोटोकेमिकल रिएक्शन करते हैं, जिससे स्किन की सेल्स और DNA डैमेज हो सकते हैं. यही स्थिति आगे चलकर मेलेनोमा जो कि सबसे खतरनाक स्किन कैंसर है, उसके रिस्क को बढ़ा सकते हैं.
हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि संतरे का जूस सीधे कैंसर पैदा करता है. इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं. धूप का ज्यादा एक्सपोजर, खराब लाइफस्टाइल ,खानपान की बिगड़ी हुई आदतें और खराब जीवनशैली भी स्किन कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकते हैं. कोशिश यह करें कि जूस के स्थान पर फल खाने को प्राथमिकता दें.
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कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक कैसे बनते सकते हैं कैंसर का कारण
डॉ कुमार कहते हैं कि इन सभी ड्रिंक्स में बहुत अधिक मात्रा में चीनी होती है. ज्यादा चीनी लिवर में जाकर फैट में बदल जाती है. इससे वजन लगातार बढ़ता रहता है. बढ़ा हुआ वजन पैंक्रियाज और लिवर समेत 13 तरह के कैंसर का खतरा बढ़ाता है. हालांकि, वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि कुछ मामलों में मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण मिले हैं, जबकि कुछ के लिए केवल शुरुआती सबूत मिले है, लेकिन इन चीजों का सेवन करने से कैंसर का रिस्क हो सकता है.
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क्या तुरंत इन चीजों को पीना छोड़ देना चाहिए?
डॉ कुमार कहते हैं कि इस रिसर्च में जो चीजें कैंसर के खतरा बताए गई हैं वह रिस्क बढ़ाती तो हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि संतरे का जूस या कोल्ड ड्रिंक पीने से कैंसर हो ही जाएगा. बस जरूरी यह है कि इनका रोज या ज्यादा मात्रा में सेवन करने से बचें. डॉ तरुण कहते हैं कि इस रिसर्च का संदेश घबराना नहीं, बल्कि सावधानी बरतना है.
डॉ कुमार कहते हैं कि फिलहाल यह रिसर्च प्रीप्रिंट है, यानी इसे अभी किसी वैज्ञानिक जर्नल में पीयर रिव्यू के बाद अंतिम रूप से प्रकाशित नहीं किया गया है. इसलिए इसके निष्कर्ष महत्वपूर्ण जरूर हैं, लेकिन इन्हें अंतिम वैज्ञानिक सत्य नहीं माना जा सकता है.