आज कई लोगों को यह डर है कि कहीं उनको डायबिटीज न हो जाए. शहरी इलाकों में यह चिंता थोड़ी ज्यादा है. आंकड़े बताते हैं कि भारत में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है. आईसीएमआर के मुताबिक, देश में डायबिटीज के 10 करोड़ से अधिक मरीज हैं. इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर भारत में डायबिटीज के मामले इसी तरह बढ़ते रहे तो 2050 तक कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 16 करोड़ तक पहुंच सकती है. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे आसानी से बचाव किया जा सकता है. बस कुछ नियमों को फॉलो करने की जरूरत है.
क्या है डायबिटीज और क्यों होती है
डायबिटीज वैसे तो कई प्रकार की होती हैं, लेकिन मुख्य है टाइप-1 और टाइप- 2 डायबिटीज. इनमें टाइप 1 जेनेटिक और कई दूसरे कारणों से होती है. इसमें शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है. यह जन्म के साथ भी हो सकती है. इसको होने से रोका नहीं जा सकता है. केवल इंसुलिन के इंजेक्शन लेकर कंट्रोल किया जा सकता है. वहीं, टाइप- 2 डायबिटीज वह होती है जो खराब खानपान और बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल से होती है. इसमें शरीर में इंसुलिन बनता तो है लेकिन सेल्स उनको सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाती है.
यह भी पढ़ें: डायबिटीज से स्ट्रेस तक इलाज का नया तरीका, योग थेरेपी स्पेशलिस्ट की बढ़ती मांग
डायबिटीज होने पर शरीर में क्या लक्षण दिखते हैं
डॉ. राजेश बताते हैं कि जिसको डायबिटीज हो जाती है उसके शरीर में इस बीमारी के कई लक्षण नजर आने लगते है. कम पानी पीने के बावजूद भी बार-बार पेशाब आता है. खासतौर पर रात के समय ऐसा ज्यादा होता है. कुछ लोगों में गला सूखने की समस्या भी देखी जाती है. नींद पूरी होने के बाद भी लगातार थकान रहती है. वजन अचानक घटने लगता है. आंखों से धुंधला दिखने की समस्या भी देखी जाती है. अगर शरीर में कोई चोट लगती है तो घाव भरने में भी समय लगता है. ये सब लक्षण अगर दिखते हैं तो संकेत है कि डायबिटीज हो गई है.
डायबिटीज से बचने के लिए क्या करें
इस बारे में AIIMS दिल्ली में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गावत ने Aajtak.in को बताया है. डॉ राजेश कहते हैं कि टाइप-1 डायबिटीज से तो बचाव का कोई तरीका नहीं है. बस इंसुलिन के इंजेक्शन लेकर इसको कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन टाइप 2 से आसानी से बच सकते हैं. इसके लिए बस आपको तीन चीजें करने की जरूरत है. पहला ये है कि हर दिन एक्सरसाइज करें. इसके लिए 45 मिनट सुबह और 45 मिनट शाम या रात में किसी भी समय कोई भी कसरत करें. डॉ खड़गावत कहते हैं कि कई लोगों को लगता है कि हफ्ते में तीन या चार दिन एक्सरसाइज कर लेना ही काफी है, लेकिन ऐसा नहीं है. डायबिटीज से बचना है तो हर दिन कसरत जरूरी है.
यह भी पढ़ें: लिवर को अंदर से सुखा रही है टाइप-2 डायबिटीज! डॉक्टरों ने बताया, कैसे करें बचाव
खानपान का रखें ध्यान
डॉ खड़गावत कहते हैं कि पहले लोग दिन में दो या अधिकतम तीन बार ही खाना खाते थे, बीच में कुछ न कुछ खाते रहने का कोई चलन नहीं था. लेकिन अब देखा जाता है कि लोग लंच, ब्रेकफास्ट और डिनर तो करते ही हैं, इसके अलावा हर कुछ घंटों के बाद चाय, कॉफी, नमकीन और चिप्स जैसी चीजें खाते रहते हैं. खाने की यही आदत डायबिटीज का रिस्क बढ़ाती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन चीजों में काफी मात्रा में फैट और छिपी हुई शुगर होती है. ये शरीर में जाकर शुगर लेवल बढ़ाती है और कुछ समय बाद डायबिटीज का कारण बन सकती है.
ऐसे में ये जरूरी है कि आप अपने खानपान का ध्यान रखें. फास्ट फूड खाने से बचें. दिन में बार- बार कुछ न कुछ खाने की आदत को छोड़ें. अपनी डाइट में हरी सब्जियां, दालें और फलों को शामिल करें. इस बात का खास ध्यान रखें कि देर रात खाना खाने से बचें.
मोटापे को कंट्रोल करना बहुत जरूरी
अगर आपके शरीर में मोटापा बढ़ रहा है तो उसको कंट्रोल जरूर करें. मोटापा डायबिटीज का एक बड़ा रिस्क फैक्टर है. ऐसे में इसको कंट्रोल करना जरूरी है. इसके लिए आपको फास्ट फूड से दूरी बनानी है.ब्रेड, चिप्स जैसी चीजें भी कम खानी है. मीठा खाने से परहेज करना है. रोज एक्सरसाइज भी करनी है. इस बात का भी ध्यान रखना है कि बिना किसी डॉक्टर कि सलाह के मोटापा घटाने वाली कोई दवा नहीं खानी है. ये दवा कुछ समय का आराम तो देती हैं, लेकिन लंबे समय के लिए उतनी कारगर नही हैं.
अगर डायबिटीज हो गई है तो क्या करें और क्या नहीं
अगर डायबिटीज हो गई है तो आपको अपना शुगर लेवल कंट्रोल में रखना जरूरी है. इसके लिए आपको अपने खानपान पर खास फोकस करना होगा. जैसे केवल गेहूं की रोटी न खाकर अपने आटे में बेसन, ज्वार और बाजरा मिलाने की जरूरत है. अपनी डाइट में दाल और राजमा भी शामिल करें क्योंकि इनमे प्रोटीन होता है. इसके अलावा आप बादाम और मखाना भी खा सकते हैं. इस बात का ध्यान रखें कि मीठी चीजों को खाने से सख्त परहेज करें.