
कलाइयों में लाल चूड़ा और सिर पर पल्लू रखकर ट्रेन चलाती एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इस महिला की नई-नई शादी हुई थी, और शादी के तुरंत बाद महिला अपनी ड्यूटी पर लौट आई और लोको पायलट के रूप में ट्रेन की कमान संभाल ली.
वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “एक तरफ नई-नई शादीशुदा ट्रेन पायलट साड़ी पहन कर कॉकपिट में बैठकर ट्रेन चला रही है. परंपरा और कर्तव्य साथ. दूसरी तरफ नेहा बोरा जंतर-मंतर पर बैरीकेड फांदती, पुलिस से भागती, अनशन करती. बांग्लादेश स्टूडेंट मूवमेंट की तारीफ तक कर चुकी हैं.”

टाइम्स नाउ नवभारत, जनसत्ता, टाइम्स ऑफ इंडिया, प्रभात खबर, द डेली जागरण, लोकमत टाइम्स नागपुर और आनंदबाजार पत्रिका जैसे कई आउटलेट्स ने भी इस वीडियो को लेकर ऐसी ही खबरें छापी हैं.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वायरल वीडियो असल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से बनाया गया है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो को ध्यान से देखने पर लोको पायलट केबिन में मौजूद कागज और फूलों की माला तेज हवा से हिलते नजर आते हैं. लेकिन ट्रेन चला रही महिला की साड़ी और बाल बिल्कुल नहीं हिलते हैं.
AI से बने वीडियो-तस्वीरें टेस्ट करने वाले टूल हाइव मॉडरेशन ने इसके AI से बने होने की करीब 80 प्रतिशत संभावना बताई.

वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें कुमकुम कुमारी नाम के एक यूट्यूब चैनल पर इसका असली वर्जन मिला, जिसे इसी साल 6 अक्टूबर को अपलोड किया गया था. इसमें AI का लेबल लगा हुआ है और साफ लिखा है कि इसे AI की मदद से बनाया गया है.

इस चैनल पर ऐसे कई AI जेनरेटेड वीडियो मौजूद हैं, जिनमें महिलाएं शादी के कपड़ों, साड़ी, सलवार या घर के कपड़ों में ट्रेन चलाती दिखती हैं. इनमें से कुछ वीडियो में “Shahid office 09” नाम का एक वॉटरमार्क भी नजर आता है. हमें इसी नाम का एक वेरिफाइड यूट्यूब चैनल मिला.
इस यूट्यूब चैनल पर ट्रेन चलाते लोगों के तमाम वीडियो मौजूद हैं. 30 अगस्त, 2026 का एक ऐसा ही वीडियो वायरल वीडियो से हूबहू मिलता है. फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें महिला की जगह कोई आदमी है. साफ है कि इसी वीडियो का इस्तेमाल करके AI के जरिये वीडियो में आदमी को बदलकर महिला बना दिया गया.

कुल मिलाकर बात साफ है कि वायरल वीडियो असली नहीं, बल्कि AI की मदद से बनाया गया है.