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फैक्ट चेक: जमीन धंसने का वायरल वीडियो भारत का नहीं

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें तेजी से भूस्खलन हो रहा है और कई पेड़ पहाड़ से नीचे गिरते दिख रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें उत्तराखंड के उत्तर काशी जिले के अराकोट गांव की हैं.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
उत्तराखंड में जमीन धंसने से तबाही हुई है और कई पेड़ पहाड़ों से नीचे गिर गए हैं.
फेसबुक पेज ‘Pahadi Beat’
सच्चाई
ये वीडियो भारत का नहीं है. जमीन धंसने की ये घटना फरवरी 2019 में बोलिविया में हुई थी.

भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश से तबाही मची हुई है. इनमें हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड भी शामिल हैं. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें तेजी से भूस्खलन हो रहा है और कई पेड़ पहाड़ से नीचे गिरते दिख रहे हैं.

दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें उत्तराखंड के उत्तर काशी जिले के अराकोट गांव की हैं. इस वीडियो में कई लोग बदहवास भागते दिख रहे हैं.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह वीडियो भारत का नहीं है. यह तस्वीरें दक्षिण अमेरिकी देश बोलिविया की हैं, जहां इस साल फरवरी में यह हादसा हुआ था. पोस्ट का आर्काइव वर्जन देखा जा सकता है.

भ्रामक दावे के साथ इस वीडियो को फेसबुक पर खूब शेयर किया जा रहा है.

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इनविड टूल की मदद से जब हमने इस वीडियो के की फ्रेम्स को खोजा, तो हमें इस वायरल वीडियो से जुड़ी कई खबरें मिलीं. मशहूर अखबार के मुताबिक ये हादसा बोलिविया की राजधानी सुकरा के उत्तर पूर्वी इलाके में भारी बारिश के चलते इसी साल फरवरी में हुआ था.

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रिपोर्ट के मुताबिक इस हादसे में किसी की जान नहीं गई थी लेकिन एक दिन पहले ऐसे ही जमीन धंसने से कई गाड़ियां मिट्टी के नीचे दब गई थीं और उसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी.

हमें यूट्यूब पर न्यूज एजेंसी एपी का वीडियो मिला जिसमें इस हादसे का जिक्र था.

कई फेसबुक यूजर्स ने कमेंट में बताया कि यह वीडियो पुराना है और भारत का नहीं है. हालांकि यह वीडियो भारत का नहीं है, लेकिन बारिश के चलते यहां हालात खराब हैं. की रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते 31 लोगों की मौत हो चुकी है.

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