दो नवंबर को त्रिपुरा के आशाबाड़ी इलाके में बांग्लादेश से सटी सीमा पर कथित तस्करों के एक गिरोह ने BSF (सीमा सुरक्षा बल) के कुछ जवानों पर हमला कर दिया था. खबरों के मुताबिक, इस हमले में तीन जवान घायल हुए. इसके बाद पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
इस घटना के संदर्भ में अब कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. लोग इन वीडियो को BSF की जवाबी कार्रवाई बताते हुए शेयर कर रहे हैं, साथ ही लिख रहे हैं कि हमलावरों की पहचान कर सेना उन्हें अच्छे से सबक सिखा रही है. हम इस खबर में ऐसे ही तीन वीडियो के बारे में बात करेंगे, जिन्हें त्रिपुरा की हालिया घटना से जोड़कर शेयर किया जा रहा है, लेकिन तीनों किसी और घटना के हैं.
बांग्लादेश का है ये वीडियो
इस वीडियो में सड़क किनारे कुछ पुलिसकर्मी दौड़कर एक युवक को पकड़ते नजर आते हैं. युवक फुटपाथ पर गिर जाता है. पुलिस पहले उसे डंडे से मारती है, फिर शर्ट पकड़कर घसीटते हुए ले जाती है. एक पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “त्रिपुरा में कल BSF के जवानों पर कुछ जिहादियों द्वारा हमला किया गया, त्रिपुरा पुलिस द्वारा उनका इलाज 24 घंटे में शुरू.”
वीडियो पर ‘bdlive.com24’ का वॉटरमार्क दिखाई देता है, जो एक बांग्लादेशी चैनल है. इस चैनल ने अपने फेसबुक पेज पर एक नवंबर को ये वीडियो पोस्ट किया था. कैप्शन में लिखा था, “एक गारमेंट वर्कर को पकड़ने के लिए दौड़ते समय एक पुलिस अधिकारी गिर गया.” दरअसल एक नवंबर को ढाका के मीरपुर में कपड़ा कामगारों का आंदोलन चल रहा था. इस चैनल पर इससे जुड़े तमाम वीडियो मौजूद हैं.
बांग्लादेश की तमाम न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, मीरपुर और गाजीपुर समेत कई इलाकों में गारमेंट वर्कर्स न्यूनतम मजदूरी समेत कई मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे. इस दौरान पुलिस ने कई आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया था.
ये वीडियो है तो त्रिपुरा का ही, लेकिन पुराना है

इस वीडियो में कई लोग किसी सड़क पर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं. वहां मौजूद अर्धसैनिक बल के जवान कुछ लोगों पर लाठी चलाते भी नजर आ रहे हैं. एक यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “BSF जवानों ने दिया मुंहतोड़ जवाब.”
रिवर्स सर्च करने पर हमें ये ‘नॉर्थ ईस्ट लाइव टीवी’ के इंस्टाग्राम पेज पर मिला. यहां इसे इसी साल 5 अक्टूबर को पोस्ट किया गया था. इससे साफ है कि दो नवंबर की घटना से इसका कोई संबंध नहीं हो सकता है.
इस इंस्टाग्राम पोस्ट के मुताबिक, ये त्रिपुरा के खोवाई जिले में एक स्थानीय चुनाव की मतगणना के दौरान की घटना है. ‘नॉर्थ ईस्ट न्यूज’ और ‘न्यूज अपडेट त्रिपुरा’ समेत कई लोकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये चंपाहावर इलाके में मतगणना केंद्र के पास का वीडियो है, जहां ग्राम समिति चुनाव के नतीजे जानने के लिए कई राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता जुटे थे. मतगणना के दौरान माहौल बिगड़ा और अराजकता फैलाने वालों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया गया था. इस भगदड़ में एक शख्स की मौत भी हो गई थी.
ये वीडियो पश्चिम बंगाल का है

इस वीडियो में दो महिला पुलिसकर्मी एक बुजुर्ग महिला को पकड़कर पुलिस की गाड़ी में ले जाती दिखाई देती हैं. आसपास पुलिस और लोगों की भीड़ है, जो इसमें दखल देती नजर आती है.
रिवर्स सर्च के जरिये हमें इस घटना के कई और वीडियो और तस्वीरें मिलीं. ‘जयगांव टुडे’, ‘जयगांव वॉयस न्यूज’ और कुछ बांग्ला वेबसाइट्स के मुताबिक, ये घटना पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के जयगांव गोटीबाड़ी इलाके की है. यहां तीन नवंबर को एक प्रस्तावित लैंडपोर्ट के खिलाफ स्थानीय आदिवासी समाज के लोग कुछ महीनों से पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. सड़क रोककर आंदोलन कर रहे लोगों को हटाने जब पुलिस पहुंची तो प्रदर्शनकारियों के साथ उनकी झड़प हुई और पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया.
साफ है कि वायरल हो रहे ये तीनों वीडियो अलग-अलग घटनाओं से संबंधित हैं और इन्हें त्रिपुरा मामले से जोड़कर झूठ फैलाया जा रहा है.