पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से, राज्य में अवैध कब्जों के खिलाफ बड़े पैमाने पर बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसे शेयर करते हुए कुछ लोगों का कहना है कि बंगाल में चुनाव से पहले बीजेपी पर भरोसा जताने वाली एक महिला का घर चुनाव के बाद तोड़ दिया गया.
वीडियो में दो क्लिप्स हैं. पहली क्लिप में किसी चैनल से बात करते हुए एक महिला कहती है कि उसे पीएम मोदी पर भरोसा है, दीदी (ममता बनर्जी) पर नहीं. वहीं दूसरी क्लिप में एक महिला रोते-बिलखते हुए कहती है कि पीएम मोदी ने उसे बहुत परेशान कर दिया. दोनों महिलाओं को एक ही बताकर लोग लिख रहे हैं कि चुनाव से पहले बीजेपी पर विश्वास जताने वाली महिला, चुनाव के बाद खुद के घर पर बुलडोजर चलने के बाद बीजेपी को कोस रही है.
वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “बंगाल में चुनाव के समय यह अंधभक्ति कह रही थी दीदी पर भरोसा नहीं है बीजेपी पर भरोसा है, बीजेपी बंगाल जीती फिर बुलडोजर चला दिया तो इस अंधभक्तीन का घर भी लपेटे में आ गया. अब कह रही है BJP को नहीं बताना चाहिए था.”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वीडियो में दिख रहीं दोनों महिलाएं एक नहीं, बल्कि अलग-अलग हैं. पहली क्लिप बंगाल की, तो दूसरी दिल्ली की है.
कैसे पता की सच्चाई?
पहली क्लिप में महिला जिस माइक पर बोल रही है, उस पर “प्यारा हिंदुस्तान” लिखा हुआ नजर आता है. हमें इस नाम का यूट्यूब चैनल मिल गया. यहां इस वीडियो को 19 अप्रैल को अपलोड किया गया था. यहां वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताया गया है.
दूसरी क्लिप में ‘ज’ अक्षर वाला एक लोगो देखा जा सकता है. ये जनपथ न्यूज नेटवर्क का लोगो है. बीजेपी की आलोचना करती रोती हुई महिला का वीडियो इस न्यूज आउटलेट के यूट्यूब चैनल पर 4 मार्च को अपलोड किया गया था. इससे एक बात साफ हो जाती है कि ये वीडियो बंगाल चुनाव से पहले का है, क्योंकि बंगाल में चुनाव दो चरणों में, 23 और 29 अप्रैल को हुए थे.
जनपथ न्यूज नेटवर्क के यूट्यूब चैनल पर इसका लंबा वर्जन भी मौजूद है. वीडियो में दिख रहे रिपोर्टर का नाम प्रफुल है और वो दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित राम कैंप की झुग्गियों में रहने वाले लोगों से बात कर रहे थे. ज्यादा जानकारी के लिए हमने उनसे बात की. उन्होंने बताया कि ये वीडियो बंगाल का नहीं है.
प्रफुल ने बताया कि केंद्र सरकार ने 6 मार्च से पहले भाई राम कैंप खाली करने को लेकर यहां रहने वाले लोगों को एक नोटिस जारी किया था. तभी से वो लोग काफी डरे हुए थे. प्रफुल ने यहां के लोगों से बात की थी.
रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री निवास के ठीक बगल में स्थित DID कैंप, भाई राम कैंप और मस्जिद कैंप की झुग्गियों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था. केंद्र सरकार के लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस यानी L&DO विभाग ने नोटिस जारी कर 6 मार्च 2026 तक जमीन खाली करने को कहा था.
साफ है कि वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावे एकदम गलत हैं. वीडियो में नजर आ रहीं महिलाएं एक नहीं, बल्कि अलग-अलग हैं. इससे पहले भी इसी तरह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसका हमने फैक्ट चेक किया था. इसे यहां पढ़ा जा सकता है.