scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: नीतीश कुमार ने नहीं की है भरत तिवारी के एनकाउंटर की आलोचना, ये बयान पुराना है

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो तेजी से वायरल किया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि उन्होंने इस मुठभेड़ की आलोचना की है. आजतक के फैक्ट चेक में जानें इस वायरल वीडियो की सच्चाई...

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर सवाल उठाए हैं.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये वीडियो अप्रैल 2023 का है जब नीतीश कुमार ने यूपी में गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या पर प्रतिक्रिया दी थी. 

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार में आए सियासी भूचाल के बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो वायरल हो गया है. इसमें वो किसी एनकाउंटर की बेहद तल्ख शब्दों में आलोचना करते दिख रहे हैं.

बिहार के भोजपुर में 17 जून को पुलिस के साथ हुई कथित मुठभेड़ में भरत नामक युवक की मौत हो गई थी.  

इसी संदर्भ में वायरल हो रहे दो मिनट 35 सेकेंड के वीडियो में एक जगह नीतीश कहते हैं, "कोई भी जेल में रहेगा, और कोई भी इस तरह से बाहर जाए, तो उसको ऐसे मार दें? ये तो बड़ा दुखद बात है न. जो भी हुआ है, वो एक अलग विषय है. लेकिन किसी को इस तरह से रास्ते में मार देना. मतलब पुलिस को देखना न चाहिए?"  

एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, "भोजपुर भरत एनकाउंटर पर नीतीश कुमार का बड़ा बयान, "कोर्ट सजा दे सकता है, फांसी दे सकता है."

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

Image 2nd

Advertisement

आरजेडी के कुछ नेता इस वीडियो के जरिये तंज कसते हुए नीतीश कुमार के पाला बदलने की संभावना की तरफ इशारा कर रहे हैं. मिसाल के तौर पर, आरजेडी प्रवक्ता एज्या यादव ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा, "बिहार में मौसम का हाल बाद में पता चलता है, लेकिन नीतीश जी का मन डोलने की चर्चा पहले शुरू हो जाती है".  

वहीं, जी न्यूज, मधुबनी न्यूज सुपरफास्ट, पाटलीग्राम न्यूज और पब्लिक न्यूज टीवी ने इसे नीतीश कुमार की, भरत तिवारी मुठभेड़ मामले पर प्रतिक्रिया बताकर शेयर किया.

इसी तरह, विधायक मैथिली ठाकुर के नाम पर एक पोस्टकार्ड वायरल हो रहा है, जिसमें उनके हवाले से लिखा है, "भरत तिवारी के मामले में मै बस इतना कहना चाहूँगी, जो हुआ अच्छा हुआ वो एक अपराधी था, हमारी सरकार पूरे बिहार से अपराध को खत्म करने के लिए वचनबद्ध है."

एक एक्स यूजर ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा, "बंधुओ ये है बीजेपी की सबसे छोटी उम्र की विधायिका जी. इनके अनुसार शहीद भरत तिवारी का एनकाउंटर सही हुआ है आपका इनके वक्तव्य के विषय में क्या कहना है?"

Image 3rd

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो 2023 का है जब नीतीश, गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज के एक अस्पताल के बाहर पुलिस कस्टडी में हत्या को लेकर मीडिया के सामने प्रतिक्रिया दे रहे थे. उस वक्त नीतीश की पार्टी महागठबंधन का हिस्सा थी.

Advertisement

वहीं, मैथिली ठाकुर के नाम से वायरल बयान पूरी तरह मनगढ़ंत है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?  

सबसे महत्वपूर्ण बात, भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है. ऐसे में अगर नीतीश कुमार ने सचमुच इस पर सवाल उठाने वाला कोई बयान दिया होता, तो सभी जगह इसकी चर्चा होती. लेकिन हमें ऐसा कुछ नहीं मिला.

वीडियो के कीफेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें पता लगा कि इसे एएनआई ने 17 अप्रैल, 2023 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया था. कैप्शन के मुताबिक, ये बात नीतीश कुमार ने प्रयागराज में अतीक अहमद और अशरफ की हत्या को लेकर कही थी.

उस वक्त नीतीश बिहार के मुख्यमंत्री थे और राज्य में महागठबंधन की सरकार थी. तत्कालीन डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने अतीक और अशरफ की हत्या को स्क्रिप्टेड बताया था. दोनों ने यूपी की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे. उस वक्त नीतीश और तेजस्वी के इन बयानों के बारे में मीडिया में काफी चर्चा हुई थी.  

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब तक क्या हुआ है?

भोजपुर, बिहार के बिलौटी गांव के रहने वाले 28 वर्षीय भरत तिवारी के परिजनों ने पुलिस पर उसके सरेंडर करने के बावजूद उसे गोली मारने का आरोप लगाया है. इस मामले को लेकर अब तक तीन एफआईआर हुई हैं- पहली भरत, उसके पिता और भाई के खिलाफ, दूसरी एनकाउंटर को लेकर और तीसरी घटना के विरोध में सड़क जाम करने को लेकर. वहीं, तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी किया गया है.

Advertisement

खबर लिखे जाने तक इस मामले पर नीतीश कुमार की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी.  

मैथिली के नाम पर वायरल पोस्टकार्ड की क्या कहानी है?

हमें मैथिली ठाकुर के किसी सोशल मीडिया अकाउंट, उनके किसी इंटरव्यू या न्यूज रिपोर्ट में ऐसा कोई बयान नहीं मिला जिसमें उन्होंने भरत तिवारी को अपराधी बताते हुए कहा हो कि जो हुआ अच्छा हुआ. 

मैथिली ने एक्स पर इस बारे में एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए इस बयान को पूरी तरह फर्जी बताया है. साथ ही, लिखा है कि अगर कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण कर चुका हो, तो उसके साथ कानून के अनुसार व्यवहार होना चाहिए और अधिकारों का दुरुपयोग करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

साफ है, नीतीश कुमार का एक पुराना वीडियो और मैथिली ठाकुर के नाम पर एक फर्जी पोस्टकार्ड, भरत तिवारी मामले से जोड़कर शेयर हो रहे हैं. 

---- समाप्त ----
Live TV

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement