कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने पॉलीकैब इंडिया लिमिटेड, आरआर केबल लिमिटेड और केईआई इंडस्ट्रीज लिमिटेड के लिए 'सेल' रेटिंग दी है. हालांकि, इसके बाद भी ब्रोकरेज ने यह भी कहा है कि वायर्स एंड केबल्स सेक्टर वास्तविक जीडीपी वृद्धि में 1.5 गुना की दर से बढ़ता रहेगा.
कोटक ने चेतावनी दी है कि वैल्यूएशन बहुत अधिक है. खासकर कमोडिटी की कीमतों में गिरावट और नई कंपनियों की एंट्री जैसी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रॉफिट कम होने की आशंका है. इस कारण, कोटक ने इन शेयरों में गिरावट का अनुमान लगाया है.
अपनी रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने कहा कि निर्यात, डेटा सेंटर, प्राइवेट सेक्टर के कैपिटल एक्सपेंडेचर में तेजी आने की संभावन है, लेकिन बिजली उत्पादन और सरकारी खर्च में मांग की गति धीमी हो सकती है. वित्त वर्ष 2026-29 के दौरान, कोटक ने उद्योग के लिए 10 प्रतिशत की वॉल्यूम सीएजीआर का अनुमान लगाया है, जिसमें घरेलू उत्पादन में 9 प्रतिशत और निर्यात में 20 प्रतिशत की वृद्धि का योगदान रहेगा.
कंपनी ने कहा कि मौजूदा कंपनियों और नए कंपनियों क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि से मार्जिन में कमी आ सकती है, लेकिन अगर उद्योग की बढ़ोतरी जारी रहती है तो समय के साथ आपूर्ति की भरपाई हो जाएगी. इसमें केईआई इंडस्ट्रीज के लिए 4,200 रुपये और आरआर केबल के लिए 1,850 रुपये का टारगेट रखा गया है.
कोटक ने कहा कि हमने पॉलीकैब के लिए टारगेट मल्टीपल को जून 2028E पीई के 33 गुना तक बढ़ा दिया है. निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय पर समाचार मिले-जुले हैं, लेकिन तार और केबल कंपनियां मांग में वृद्धि का संकेत दे रही हैं.
सोमवार को पॉलीकैब का शेयर ₹10,022.50 पर कारोबर कर रहा था. छह महीने में यह शेयर 31 फीसदी तक चढ़ा है और पिछले एक साल में इस शेयर ने 60 फीसदी तक का रिटर्न दिया है.