बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत, 'मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी' से बतौर डायरेक्टर डेब्यू कर रही हैं. मणिकर्णिका के निर्देशक कृष के NTR की बायोपिक में व्यस्त हो जाने की वजह से निर्देशन का जिम्मा बाद में कंगना को ही संभालना पड़ा. निर्देशक के तौर पर अपनी नई पारी की शुरुआत कर कंगना काफी एक्साइटेड हैं. उनका हमेशा से सपना था कि वे कोई फिल्म डायरेक्ट करें. मगर जब कंगना का सपना पूरा हुआ तो, उन्हें तमाम आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा.
बॉलीवुड लाइफ से कंगना ने कहा, ''मेरे साथ काम करने से लोगों ने सीधे तौर पर मना कर दिया था. मुझे अयोग्य डायरेक्टर तक कहा गया. लेकिन वे मेरे सेट पर भी नहीं होते थे. उन्होंने मेरे साथ मीटिंग भी नहीं की." खुद को अक्षम बताने वालों से कंगना ने सवाल किया, "उन्हें कैसे पता कि मैं एक अयोग्य डायरेक्टर हूं और मेरी अयोग्यता के आधार पर उन्होंने फिल्म छोड़ दी. उनका मानना था कि ये लड़की क्या कर लेगी?''
बता दें, मणिकर्णिका में कंगना के डायरेक्शन को लेकर तमाम विवाद सामने आए. मामला तब ज्यादा बड़ा हुआ जब सोनू सूद ने मूवी छोड़ दी. वजह सेट पर दो-दो डायरेक्टर्स का होना बताया गया. ऐसा भी कहा गया कि शूटिंग के दौरान कंगना के बार-बार हस्तक्षेप करने की वजह से कृष ने इस प्रोजेक्ट से बाहर होना बेहतर समझा.
सोनू ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इस मुद्दे पर बातचीत भी की थी.
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बता दें कि मणिकर्णिका 25 जनवरी को रिलीज हो रही है. रिपब्लिक डे वीकेंड का मूवी को फायदा मिल सकता है. इस फिल्म से टीवी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे भी बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं. रानी लक्ष्मीबाई की जिंदगी पर आधारित मूवी को लेकर कई विवाद सामने आ चुके हैं. करणी सेना भी फिल्म के कंटेंट को लेकर आपत्ति की. आरोप था है कि फिल्म में रानी लक्ष्मीबाई की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है. हालांकि बाद में उन्होंने अपना विरोध वापस भी ले लिया.
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मणिकर्णिका कंगना के करियर को उड़ान देने के लिहाज से अहम है. 2015 के बाद से उनकी कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट नहीं हुई है. एक एक्ट्रेस के तौर पर उनके लिए मणिकर्णिका का हिट होना बेहद जरूरी है. देखना होगा कि कंगना बतौर डायरेक्टर और एक्ट्रेस इस बार दर्शकों को कितना एंटरटेन कर पाती हैं.