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2016 में छाईं ये महिला प्रधान फिल्में...

साल 2016 में वुमेन सेंट्रिक और वुमेन एम्पावरमेंट आधारित फिल्मों ने पूरे बॉलीवुड जगत अपनी खास छाप छोड़ी. जानते हैं कौन-सी रहीं ये फिल्में...

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Bollywood Film 'Pink'
Bollywood Film 'Pink'

साल 2016 में वुमेन सेंट्रिक और वुमेन एम्पावरमेंट आधारित फिल्मों ने पूरे बॉलीवुड जगत अपनी खास छाप छोड़ी. अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू अभ‍ि‍नीत फिल्म देश और देश के बाहर भी रही. प्रियंका चोपड़ा की 'जय गंगाजल' और सोनम कपूर की 'नीरजा' भी इसमें शामिल है.

जानते हैं 2016 में और कौन-सी महिला प्रधान फिल्में आईं...

पिंक


यह फिल्म हर व्यक्त‍ि को देखनी चाहिए. खासतौर से पुरुषवादी विचारधारा रखने वाले व्यक्त‍ि को. वह पुरुष और महिला दोनों हो सकते हैं. इस फिल्म में महिलाओं के अधिकार और उनकी स्वतंत्रता पर बात की गई है. 'कंसेंट' जिसे अमूमन लोग हल्के में ले लेते हैं, इस फिल्म में उसका अर्थ बहुत ही अच्छी तरह समझाया गया है. 2016 की कुछ बेहतरीन फिल्मों में से एक है.

पार्च्ड


फिल्म कुछ ऐसी महिलाओं की कहानी है, जो अपने हालात से उकता चुकी हैं और उससे निकलना चाहती हैं. उड़ना चाहती हैं, खुद को साबित करना चाहती हैं. साल 2016 में वुमेन एम्पावरमेंट विषय पर बनी फिल्मों में यह महत्वपूर्ण है.

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जय गंगाजल

पुरुषवादी सोच रखने वाले व्यक्त‍ि के लिए किसी महिला के अंडर काम करना कितना मुश्क‍िल होता है, यह फिल्म देखकर आप समझ सकते हैं. एक ऐसी महिला पुलिस ऑफिसर की कहानी है, जिसके सामने सिस्टम में रहकर सिस्टम के अंदर और बाहर दोनों में सुधार करना है. की यह फिल्म महिला सशक्त‍िकरण की सच्ची मिसाल है.

एक वर्किंग और सिंगल मदर का अपनी बच्ची के लिए संघर्ष दिखाया गया है इस फिल्म में. आपने अगर फिल्म देखी है तो आपको अंदाजा लग गया होगा कि जब बात बच्चों की आती है तो मां दुनिया की सबसे ताकतवर महिला बन जाती है. वह पूरी दुनिया का अकेले सामने करने को तैयार हो जाती है.


जूही चावला और शबाना आजमी अभिनित यह फिल्म दो टीचर्स की कहानी है, जो समाज का नजरिया बदलना चाहती हैं, बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहती हैं और अपनी शर्तों पर जीना चाहती हैं. वुमेन एम्पावरमेंट पर आधारित यह फिल्म आपको प्रॉब्लेम्स से डील करना सिखा देगी.

पुरुष ऑफिस संभालते हैं और महिलाएं घर. समाज में महिलाओं को लेकर ऐसी धारणा ही है. इस फिल्म ने बड़ी खूबसूरती के साथ इस धारणा को तोड़ा है. फिल्म वुमेन एंपावरमेंट की मिसाल है. इस फिल्म में अर्जुन कपूर घर संभालते हैं और करीना ऑफिस का काम देखती हैं और घर में पैसा लाती हैं.

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सरबजीत


सरहद पार पाकिस्तान की जेल में बंद भाई के लिए एक बहन का संघर्ष इस फिल्म में बखूबी देखने को मिलता है. फिल्म में की बहन दलबीर कौर का किरदार ने निभाया है. किस तरह दलबीर अपने भाई को पाकिस्तान की चंगुल से छुड़ाकर वापस भारत लाती हैं, यह काबिले तारीफ है.

नीरजा


एक ऐसी लड़की की कहानी है, जो अकेले आतंकवादियों का सामना करती है और हाईजैक हो चुके प्लेन को वापस भारत लेकर आती है. हालांकि इसमें को अपनी जान गंवानी पड़ती है. पर वह अपनी कोशिशों में कामयाब हो जाती है. फिल्म 'नीरजा' दरअसल, सच्ची घटना पर आधारित है. यह फिल्म नीरजा भनौत की बायोपिक है.


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