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एंटरटेनमेंट न्यूज़

Teacher's Day: ‘तारे जमीन पर’ से ‘सुपर 30’ तक, इन 5 फिल्मों में दिखी गुरु-शिष्य के रिश्ते का असली मतलब

गुरु-शिष्य के रिश्ते पर बनीं बॉलीवुड की 5 दमदार फिल्में
  • 1/6

Teachers’ Day के खास मौके पर बॉलीवुड की कई फिल्मों ने टीचर और स्टूडेंट के रिश्ते को सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे भावनाओं, संघर्ष और जिंदगी की सीख से जोड़ा. ‘Black’ से ‘Super 30’ तक, ये 5 फिल्में गुरु-शिष्य के रिश्ते की अलग-अलग खूबसूरत तस्वीर दिखाती हैं.

फिल्म ब्लैक
  • 2/6

संजय लीला भंसाली की फिल्म ब्लैक में अमिताभ बच्चन ने देबराज का किरदार निभाया हैं, जिसमें वह एक ऐसी लड़की (मिशेल) के टीजर बने हैं जो देखने और सुनने की शक्ति खो चुकी हैं. ऐसे में वह मिशेल को सिर्फ पढ़ना लिखना नहीं सिखाते हैं बल्कि उसको खुद पर भरोसा करना और अपने अक्षमता के साथ जीवन जीना भी सिखाते हैं.

फिल्म हिचकी
  • 3/6

फिल्म हिचकी में रानी मुखर्जी ने नैना माथुर का करदार निभाया हैं जो टूरेच सिंड्रोम से पीड़ित एक टीजर हैं औ ऐसे बच्चों को पढ़ाती हैं, जिन्हें बाकी लोग कमजोर समझते हैं. वह अपने स्टूडेंट्स को यह सिखाती हैं किसी मजबूरी के कारण अपने सपनें को छोड़ने की कोई जरुरत नहीं  हैं.

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फिल्म 3 इडियट्स
  • 4/6

2000 ने में आई राजकुमार हिरानी की फिल्म 3 इडियट्स में अमिर खान भले ही एक शिक्षक का करदार ना निभाए हो लेकिन उन्होंने अपने दोस्तों और आसपास के लोगों को जिंदगी के ऐसे सबक दिए, जो कोई भी किताब में नहीं मिल सकता है. अमिर खान जो रैंचो का किरदार निभाए हैं  फिल्म में उनका मानना होता हैं कि इंसान को अंक के पीछे नहीं भगना चाहिए, बल्कि अपने आप को काबिल बनाने पर ध्यान देना चाहिए.

 फिल्म सूपर 30
  • 5/6

फिल्म सूपर 30 में ऋतिक रोशन ने आनंद कुमार का किरदार निभाए हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर  प्रतिभाशाली बच्चों को आइआइटी की तैयारी करवाते हैं. आनंद गरीब और मेधावी बच्चों के जिंदगी में एक देवदूत की भूमिका निभाए हैं जो आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों को उनके सपने हासिल करने में सहायता करते हैं. 

फिल्म तारे जमीन पर
  • 6/6

फिल्म तारे जमीन पर में आमिर खान एक ऐसे शिक्षक का किरदार निभाए हैं जो डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चा को पढ़ाते हैं जिसे परिवार और स्टूल दोनों के द्वारा नासमझ माना जाता हैं लेकिन वह उस बच्चे के भीतर छिपी हुई टेलेंट को पहचानते हैं और उनकी मदद करते हैं. यह फिल्म हमें यह याद दिलाती है कि शिक्षक महमारे जीवन में कितना समझदारी लेकर आते हैं और हमें खुद पर भरोशा करना सिखाते हैं.

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