दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के बीच सिंगर सोना मोहपात्रा ने राहुल गांधी पर ऐसा निशाना साधा है कि सियासी गलियारों में नई बहस छिड़ सकती है. राहुल गांधी के लोकतंत्र को सुधारने के वादे पर सवाल उठाते हुए सोना ने कांग्रेस को पहले हिमाचल प्रदेश की हालत सुधारने की नसीहत दे डाली.
सोना का कहना है कि देश के लोकतंत्र की चिंता करने से पहले कांग्रेस को अपने शासन वाले हिमाचल प्रदेश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने हिमाचल की पहाड़ियों पर फैले कचरे और प्रदूषित नदियों का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि जब राज्य में ही हालात सुधारने की जरूरत है, तो देश को बेहतर शासन देने का दावा कैसे किया जा सकता है?
राहुल गांधी को सोना की दो टूक
राहुल गांधी जहां लोकतंत्र को दुरुस्त करने की बात कर रहे हैं, वहीं सोना मोहपात्रा ने उन्हें हिमाचल प्रदेश की जमीनी समस्याओं की याद दिलाई है. उनका संदेश साफ है- अगर कांग्रेस देश की जनता से समर्थन और भरोसा चाहती है, तो उसे पहले अपने शासन में बेहतर काम करके दिखाना होगा. हिमाचल की खूबसूरत वादियां, पहाड़ और नदियां उसकी पहचान हैं. ऐसे में वहां कचरे और प्रदूषण की समस्या को लेकर उठे सवाल सरकार की जवाबदेही पर भी चर्चा छेड़ते हैं.
सोना ने लिखा- डियर राहुल गांधी जी, डेमोक्रेसी को सुधारने से पहले क्या आप हिमाचल प्रदेश में सुधार ला सकते हैं. मैं यहां 9 साल बाद लौटी हूं और कचरे से भरे पहाड़ों और दम तोड़ती नदियों को देख शॉक्ड हूं. सिंगर ने राहुल से इस कांग्रेस शासन वाले राज्य को सरकार के अच्छे काम की एक मिसाल बनाने की पेशकश की. और कहा कि लोगों की रिस्पेक्ट के हकदार बने सिर्फ डिमांड न करें.
सोना ने यह पोस्ट राहुल के उस पोस्ट के जवाब में किया जहां वो लिखते हैं- ज्ञानेश कुमार जाएंगे. यह सरकार जाएगी. फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत.
जंतर-मंतर पर सियासी घमासान
इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन के बीच सोना का यह बयान राजनीतिक संदेश से आगे बढ़कर शासन और जवाबदेही का सवाल खड़ा करता है. लोकतंत्र को बचाने की बात करने वाले नेताओं से जनता अपने आसपास की समस्याओं का समाधान भी चाहती है.
अब सवाल यही है कि कांग्रेस हिमाचल की पर्यावरण संबंधी चुनौतियों पर क्या जवाब देती है? क्योंकि सियासत में बड़े-बड़े वादे अपनी जगह हैं, लेकिन जनता के लिए असली परीक्षा जमीन पर होने वाला काम ही है.