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'50 बार बदला पुष्पक विमान का डिजाइन-लगी सालों की मेहनत', रामायण पर नितेश तिवारी ने खोला राज

फिल्म रामायण में नितेश तिवारी और उनकी टीम की कितनी मेहनत लगी है, इसका एक उदाहरण उन्होंने रावण और जटायु के सीक्वेंस के जरिए दिया है. उनका कहना है कि इस सीन के पीछे उन्होंने कई साल खर्च किए, तब जाकर ये बड़े पर्दे पर पेश किया गया.

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नितेश तिवारी की रामायण का ये सीन फिर छाया (Photo: ITGD)
नितेश तिवारी की रामायण का ये सीन फिर छाया (Photo: ITGD)

रणबीर कपूर की 4000 करोड़ में बन रही फिल्म रामायण एक कितना बड़ा और ग्रैंड प्रोजेक्ट है, इसके बारे में डायरेक्टर नितेश तिवारी ने कुछ राज खोले हैं. हालिया बातचीत में वो बताते हैं कि कैसे उन्होंने फिल्म के कुछ हिस्सों को बनाने के लिए सालों लगा दिए. इसमें से एक जटायु और रावण की लड़ाई का पूरा सीक्वेंस है, जिसका जिक्र डायरेक्टर ने किया. 

होस्ट सूमा से बातचीत के दौरान, नितेश तिवारी ने फिल्म में दिखाए जाने वाले पुष्पक विमान को तैयार करने में लगी मेहनत के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि फिल्म को बनाने में सबसे ज्यादा समय इसकी कहानी को सही तरीके से तैयार करने में लगा. उनके मुताबिक, टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि कहानी महर्षि वाल्मीकि की रामायण पर आधारित हो, लेकिन साथ ही रामायण के दूसरे संस्करणों में बताई गई खूबसूरत कहानियों को भी इसमें शामिल किया जा सके.

कई सारे संस्करणों को मिलाकर बनाई रामायण

नितेश ने कहा- हमारे देश में रामायण के 300 से ज्यादा अलग-अलग संस्करण मौजूद हैं. इनमें कई छोटी-छोटी और खूबसूरत कहानियां भी हैं. देश के लोग रामायण के हर संस्करण को अपनाते हैं और ये सभी एक-दूसरे के साथ पूरी तरह से मेल खाते हैं. अलग-अलग रामायण में कुछ किरदारों को अलग-अलग तरीके से दिखाया गया है. ऐसे में हमारी कोशिश थी कि हम एक ऐसा वर्जन तैयार करें, जो इस महान कहानी के साथ पूरी तरह न्याय करे. हम चाहते थे कि इसे एक ऐसी फिल्म के रूप में दुनिया के सामने पेश करें, जिस पर हमें गर्व हो. 

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नितेश के मुताबिक, कहानी को कागज पर तैयार करना ही काफी चुनौतीपूर्ण था. इसके बाद असली मुश्किल थी कि जो उन्होंने सोचा है, उसे पर्दे पर उसी तरह कैसे दिखाया जाए. इसके लिए काफी तैयारी करनी पड़ी. किरदारों और फिल्म से जुड़ी दूसरी चीजों को तैयार करने में भी बहुत समय लगा. 

आधे दशक जितने समय में तैयार हुआ एक एक्शन सीन

नितेश तिवारी ने फिल्म के वीएफएक्स पर हुई मेहनत के बारे में भी बताया. उन्होंने खास तौर पर रावण और जटायु के बीच होने वाली लड़ाई का जिक्र किया. डायरेक्टर ने बताया कि इस एक सीन को पूरा करने में ही साढ़े 6 साल लग गए. 

उन्होंने कहा- बेहतरीन वीएफएक्स तैयार करने में काफी समय लगता है. मैं आपको एक छोटा सा उदाहरण देता हूं, जिससे आपको अंदाजा हो जाएगा कि इस फिल्म को बनाने में कितनी मेहनत लगी है. मैंने पढ़ा है कि रावण और जटायु की लड़ाई देखने में बेहद शानदार लग रही है और पुष्पक विमान भी किसी दूसरी दुनिया की चीज जैसा दिख रहा है. लेकिन क्या आपको पता है कि रावण और जटायु की लड़ाई को पूरा करने में हमें कितना समय लगा? जब मैंने पहली बार आर्टिस्ट्स को इस सीन के बारे में बताया था, उस समय से लेकर इसे पूरा करने तक हमें साढ़े 6 साल लग गए. 

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नितेश की ये बात सुनकर रणबीर कपूर ने भी बताया कि ये सिर्फ एक एक्शन सीन की बात है, जिसे तैयार करने में इतना लंबा समय लगा. डायरेक्टर ने आगे कहा- यह सिर्फ एक एक्शन सीन है. अगर मैं इस पर बात करने बैठ जाऊं कि इसे बिल्कुल शुरुआत से तैयार करने में कितनी मेहनत लगी, तो मैं एक घंटे तक बोल सकता हूं. इस पर हजारों लोगों ने काम किया है. 

पुष्पक विमान की तैयारी में लगा समय

नितेश तिवारी ने आगे बताया कि पुष्पक विमान का फाइनल डिजाइन तैयार करने में ही टीम को करीब दो साल लग गए थे. हालांकि, इसके बाद भी काम खत्म नहीं हुआ. विमान के डिजाइन में बदलाव होने की वजह से रावण और जटायु की लड़ाई वाले सीन को भी दोबारा तैयार करना पड़ा. 

उन्होंने बताया- पुष्पक विमान का डिजाइन फाइनल करने में हमें करीब दो साल लगे। लेकिन बाद में इसमें कई बदलाव हुए. इसी वजह से रावण और जटायु की लड़ाई को तैयार करने में भी इतना समय लगा. जब हम विमान के पुराने डिजाइन के साथ काम कर रहे थे, तब हमने उसी हिसाब से रावण और जटायु की लड़ाई को कोरियोग्राफ किया था. लेकिन जब हमें पुष्पक विमान का फाइनल डिजाइन पसंद आया, तो वो हमारे पुराने डिजाइन से काफी अलग था. ऐसे में हमें लड़ाई के सीन में भी कई बदलाव करने पड़े. 

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उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया, 'अब जटायु यहां से नहीं आ सकता, क्योंकि वहां गुंबद जैसी बनावट तैयार हो गई है. तो फिर हमें सोचना पड़ता है कि अब क्या किया जाए. इस तरह डिजाइन को बेहतर बनाने के लिए बार-बार बदलाव करने पड़ते हैं.  नितेश ने बताया कि पुष्पक विमान का फाइनल डिजाइन चुनने से पहले टीम ने इसके करीब 40-50 अलग-अलग डिजाइन तैयार किए थे.

उन्होंने कहा- हम ऐसा विमान नहीं बनाना चाहते थे, जिसे देखकर लगे कि आखिर ये उड़ कैसे सकता है. हम चाहते थे कि इसके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार हो. हमारा मानना है कि उस दौर में जो भी चीजें होती थीं, उनके पीछे कोई ना कोई विज्ञान जरूर था. पुष्पक विमान को देखकर ऐसा लगना चाहिए कि हां, ये उड़ सकता है. नितेश ने ये भी कहा कि उनकी टीम को अच्छी तरह पता है कि फिल्म में पुष्पक विमान कैसे उड़ता है, कैसे आगे बढ़ता है और उसके अंदर क्या होता है. 

नितेश तिवारी की बात करें, तो उनकी अभी तक की लगभग सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छी रही हैं. उनकी आखिरी फिल्म बवाल थी, जो सीधा ओटीटी पर आई. इसमें वरुण धवन और जाह्नवी कपूर थे. अब वो रामायण लेकर आ रहे हैं, जो 5 नवंबर को रिलीज होने के लिए तैयार है. देखना है कि क्या ऑडियंस को उनकी मेहनत पसंद आएगी?

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