फुलेरा गांव की टूटी सड़कें, पंचायत भवन की फाइलें और 'सचिव जी' की सादगी... पिछले कुछ सालों में जितेंद्र कुमार की पहचान कुछ ऐसी ही बन गई है. पंचायत में अभिषेक त्रिपाठी उर्फ सचिव जी बनकर उन्होंने घर-घर में अपनी अलग जगह बनाई. लेकिन अब वही जितेंद्र कुमार मिर्जापुर द फिल्म में बंदूक, गैंगवार और भौकाल के बीच नजर आने वाले हैं. सबसे दिलचस्प बात ये है कि वह फिल्म में बबलू पंडित का किरदार निभा रहे हैं, जिसे वेब सीरीज के पहले सीजन में विक्रांत मैसी ने अमर बना दिया था.
अब सवाल ये है कि क्या फुलेरा का सीधा-सादा सचिव जी मिर्जापुर के खूंखार माहौल में फिट बैठ पाएगा? और क्या यह रोल उनके करियर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है?
IIT से TVF और फिर OTT का पोस्टर बॉय बनने तक
राजस्थान के अलवर से आने वाले जितेंद्र कुमार ने IIT खड़गपुर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. कॉलेज के दिनों में थिएटर का चस्का लगा और यहीं उनकी मुलाकात TVF के बिस्वपति सरकार से हुई. बाद में उन्होंने इंजीनियरिंग और कॉर्पोरेट करियर छोड़कर एक्टिंग का रास्ता चुना.
TVF के 'मुन्ना जज्बाती', 'पिचर्स', 'परमानेंट रूममेट्स' और 'बैचलर्स' जैसे शोज में काम करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई. लेकिन असली ब्रेक मिला कोटा फैक्ट्री के 'जीतू भैया' से, जिसने उन्हें युवाओं का फेवरेट बना दिया. इसके बाद पंचायत के सचिव जी ने उन्हें OTT का सबसे भरोसेमंद चेहरा बना दिया.
बॉलीवुड में कोशिशें हुईं, लेकिन बड़ा धमाका अभी बाकी है
जितेंद्र ने शुभ मंगल ज्यादा सावधान, चमन बहार, जादूगर, ड्राई डे और लंटरानी जैसी फिल्मों में भी काम किया. शुभ मंगल ज्यादा सावधान में आयुष्मान खुराना के साथ उनकी जोड़ी को काफी सराहना मिली, जबकि जादूगर और ड्राई डे में उन्होंने लीड रोल निभाकर अपनी रेंज दिखाने की कोशिश की.
हालांकि सच यह भी है कि फिल्मों में उन्हें अभी तक वैसी सफलता नहीं मिली, जैसी OTT पर मिली. जनता आज भी उन्हें 'जीतू भैया' और 'सचिव जी' के नाम से ज्यादा जानती है.
एक एक्टर के लिए सबसे बड़ा खतरा होता है टाइपकास्ट हो जाना और जितेंद्र कुमार उस मोड़ पर पहुंच चुके थे जहां लोग उन्हें सिर्फ सादगी, ईमानदारी और छोटे शहर के लड़के वाले किरदारों में देखने लगे थे. मिर्जापुर द फिल्म उनके लिए उस इमेज को तोड़ने का सुनहरा मौका है.
अगर वह बबलू पंडित के किरदार में दर्शकों को यकीन दिला पाए कि वह सिर्फ फुलेरा के सचिव नहीं, बल्कि मिर्जापुर के खिलाड़ी भी बन सकते हैं, तो यह उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है.
लेकिन चुनौती भी छोटी नहीं है
समस्या यह है कि बबलू पंडित का किरदार पहले से ही विक्रांत मैसी के चेहरे से जुड़ा हुआ है. जो कि गुड्डू पंडित हिसाब-किताब रखने वाला साथी, उसका छोटा भाई था. सीजन 1 के क्लाईमैक्स में मुन्ना त्रिपाठी बबलू की बेरहमी से हत्या कर देता है.
वहीं मिर्जापुर की दुनिया में गुड्डू भैया (अली फजल), कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) और मुन्ना भैया (दिव्येंदु शर्मा) जैसे दमदार किरदारों का दबदबा रहा है. ऐसे में जितेंद्र को सिर्फ अच्छा अभिनय नहीं करना होगा, बल्कि अपनी नई पहचान भी बनानी होगी. दर्शक उन्हें सचिव जी के चश्मे से नहीं, बल्कि मिर्जापुर के खिलाड़ी के रूप में स्वीकार करें, यही सबसे बड़ी परीक्षा होगी.
क्या भौकाल मचा पाएंगे?
एक्टिंग के लेवल पर जितेंद्र कुमार पर शायद ही किसी को शक हो. उन्होंने हर बार साबित किया है कि वह किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाते हैं. लेकिन मिर्जापुर की दुनिया सिर्फ एक्टिंग से नहीं चलती, यहां स्क्रीन प्रेजेंस, स्वैग, डायलॉगबाजी और भौकाल भी चाहिए.
अगर जितेंद्र कुमार इन सभी चीजों का सही मिश्रण पेश कर पाए, तो संभव है कि आने वाले समय में लोग उन्हें सिर्फ 'सचिव जी' नहीं, बल्कि 'बबलू भैया' के नाम से भी याद करें.
क्या है Mirzapur The Film?
हाल ही में रिलीज हुए मिर्जापुर द फिल्म के ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा बटोरी है. फिल्म में अली फजल, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, श्वेता त्रिपाठी और रसिका दुग्गल जैसे लोकप्रिय चेहरे नजर आएंगे, इस बार कहानी बड़े पर्दे पर और भी बड़े स्केल पर दिखाई जाएगी. बड़ी बात ये कि इस फिल्म को फरहान अख्तर का सपोर्ट मिला है. लेकिन जितेंद्र कुमार की एंट्री ने सबको सरप्राइज किया है.
अब देखना दिलचस्प होगा कि फुलेरा के सचिव जी, मिर्जापुर की खून-खराबे वाली दुनिया में कितना बड़ा भौकाल काटते हैं.