पंचायत (Panchayat Web Series) एक कॉमेडी-ड्रामा वेबसीरीज है. इसके लेखक चंदन कुमार और निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा (Deepak Kumar Mishra) हैं. इस सीरीज में जितेंद्र कुमार (Jitendra Kumar), रघुबीर यादव (Raghubir Yadav), नीना गुप्ता (Neena Gupta), चंदन रॉय (Chandan Roy) और फैसल मलिक (Faisal Malik) ने भूमिकाए निभाई हैं. इसके निर्माता द वायरल फीवर है जिसने इसे अमेजॉन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) के लिए बनाया (Production of Panchayat).
पंचायत सीजन 4, 24 जून 2025 को रिलीज होगी. इस सीजन में पंचायत के दो गुटों के बीच के तनातनी को दर्शाया गया है.
इस सीरीज के की कहानी एक इंजीनियरिंग स्नातक के जीवन पर आधारित है जो बेहतर नौकरी विकल्पों की कमी के कारण उत्तर प्रदेश के एक सुदूर गांव फुलेरा में पंचायत सचिव के रूप में कार्यरत होता है. पंचायत एक शहर के लड़के के अनुभवों को दिखाती है. एक दूरदराज के गांव में कम वेतन वाली नौकरी को पसंद न करते हुए भी वह खुद परिस्थिति में ढालना चहता है (Panchayat Story).
पंचायत का पहला सीजन का प्रीमियर 3 अप्रैल 2020 को अमेजॉन प्राइम वीडियो पर किया गया था. इस सारीज को आलोचकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और इसे काफी पसंद किया गया है (Panchayat Positive Response).
इस सीरीज का दूसरा सीजन 18 मई 2022 को रिलीज हुआ. इस सीजन में अभिषेक को गांव की राजनीति और विकास में ज्यादा रुचि लेते हुए दिखाया गया है, साथ ही वह CAT परीक्षा की तैयारी भी कर रहा है.
सीरीज का तीसरा सीजन का प्रीमियर 28 मई 2024 को हुआ था. इस सीजन में पंचायत चुनावों और उससे जुड़ी राजनीति पर फोकस किया गया है.
सीरीज की शूटिंग मध्य प्रदेश में स्थित एक वास्तविक पंचायत कार्यालय में हुई है (Panchayat Shooting in MP). इसका साउंडट्रैक और स्कोर अनुराग सैकिया ने दिया है, जबकि छायांकन और संपादन अमिताभ सिंह और अमित कुलकर्णी ने दिया है (Soundtrack of Panchayat).
डायरेक्टर नीरज घेवान जिन्होंने होमबाउंड जैसी दमदार फिल्म बनाई थी, उन्होंने टीवीएफ और उसके शोज पर सवाल खड़े किए हैं. नीरज का कहना है कि इन शोज में एक भी मुसलमान या निम्न जाति का इंसान नहीं दिखाया जाता.
पंचायत के सचिव जी यानी जितेंद्र कुमार अब मिर्जापुर द फिल्म में बबलू पंडित के रोल में नजर आएंगे. विक्रांत मैसी के आइकॉनिक किरदार को निभाना उनके लिए बड़ी चुनौती है. क्या ये फिल्म उनके करियर की दिशा को बदल पाएगी?
पंकज झा की एक फोटो इंटरनेट पर वायरल हो रही है जिसमें वे सब्जी मंडी में आम लोगों की तरह सब्जियां खरीदते दिख रहे हैं. उनकी सादगी भरी तस्वीर फैंस के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.
पंचायत के नए सीजन को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं. सीरीज को लेकर काफी सस्पेंस भी बन रहा है क्योंकि इसे इसी साल रिलीज करने की बात हुई थी. अब पंचायत वाले प्रह्लाद चा ने पांचवे सीजन को लेकर बड़ा खुलासा कर डाला है.
'पंचायत' सीरीज में 'प्रधान जी' का किरदार निभाकर लोगों के दिलों में बसने वाले एक्टर रघुबीर यादव ने अपने मुश्किल दिनों को याद किया है. उन्होंने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी मुश्किलों का सामना किया है.
ग्राम चिकित्सालय सीरीज का नया सीजन आने वाला है, जिसका ट्रेलर सामने आ चुका है. इस बार भटकण्डी गांव में डॉक्टर नंबर 1 बनने की होड़ मची हुई है, जिसमें फुलेरा गांव वाले नए प्रधान भूषण और बिनोद की एंट्री होने वाली है.
मनोरंजन की दुनिया में आज कंगना रनौत के एक बयान की चर्चा रही. उन्होंने नर्सिंग को एक ओवर-सेक्शुअलाइज्ड प्रोफेशन कहा. अपनी फिल्म भारत भाग्य विधाता को प्रमोट करने के दौरान ऐसी बात कही गई. वहीं पंचायत वाले फैसल मलिक ने सीजन 5 को लेकर अपडेट दी.
प्राइम वीडियो के ब्लॉकबस्टर शो पंचायत के सीजन 5 का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. अब शो में 'विकास' का आइकॉनिक रोल निभाने वाले चंदन रॉय ने अगले सीजन को लेकर एक ऐसा हिंट दिया है, जिससे फैंस की एक्साइटमेंट सातवें आसमान पर पहुंच जाएगी.
पंचायत एक्टर विनोद सूर्यवंशी ने मुश्किलों दिनों पर बात की है. उन्होंने बताया कि बचपन में उन्होंने काफी गरीबी में गुजारा किया. उनके पास त्योहार मनाने के भी पैसे नहीं होते थे. गुजारे के लिए उन्होंने कई तरह की नौकरियां भी कीं.
पंचायत सीजन 4 के अभिनेता विनोद सूर्यवंशी ने अपने बचपन में हुए जातिगत भेदभाव का खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि कैसे कर्नाटक के उनके गांव में दलितों को अलग रखा जाता है और उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है.
आज फैंस की फेवरेट सीजन 'पंचायत' को आए 6 साल पूरे हो गए हैं. इस खास मौके पर मेकर्स ने ऑफिशियल तौर पर सीरीज के सीजन 5 की शूटिंग शुरू होने का ऐलान कर दिया है. इसी के साथ शो के BTS फोटोज भी शेयर किए गए हैं, जिनमें कलाकारों को मेहनत और मस्ती करते देखा जा सकता है.
‘panchayat’ के सचिव जी यानी जितेंद्र कुमार की नई फिल्म ‘Dalimb’ का फर्स्ट लुक सामने आया है. इस साइकोलॉजिकल थ्रिलर में उनका डार्क और इंटेंस अवतार देखने को मिल रहा है, जिसे पहचानना मुश्किल बताया जा रहा है. फिल्म 2026 में रिलीज होगी और इसका निर्देशन प्रिया एवेन ने किया है. होली के मौके पर जारी किए गए पोस्टर में रहस्य और सस्पेंस की झलक दिखाई गई है.
सीरीज 'पंचायत' में प्रह्लाद चा का रोल अदा कर फैन्स के दिलों में जगह बनाने वाले फैजल मलिक अच्छे काम की तलाश में हैं. हाल ही में उन्होंने बताया कि उन्हें अपनी पसंद का काम नहीं मिल रहा है.
चंदन रॉय और अविका गौर, साथ मिलकर फिल्म 'राजू बजेवाला' में काम करते नजर आने वाले हैं. इस फिल्म की कहानी असल जिंदगी के बैंड म्यूजिशियन से प्रेरित होगी. इस पिक्चर का निर्देशन पलाश मुच्छल कर रहे हैं. अमन गुप्ता इसके प्रोड्यूसर हैं. इस फिल्म को ओटीटी पर रिलीज किया जाएगा.
AAP ने CM रेखा गुप्ता की मीटिंग में पति मनीष गुप्ता की मौजूदगी को लेकर BJP पर निशाना साधा, कहा—दिल्ली सरकार बनी ‘फुलेरा पंचायत’.
एक्टर आसिफ खान जिन्हें 'पंचायत' सीरीज में 'दामाद जी' के किरदार के लिए जाना जाता है उन्होंने अपनी जिंदगी में एक बड़ा कदम उठाया है. आसिफ ने हॉस्पिटल में भर्ती होने के 21 दिन बाद फाइनली स्मोकिंग को अलविदा कह दिया है.
पंचायत के 'दामाद जी' यानी एक्टर आसिफ खान कुछ दिनों पहले एक्टर हॉस्पिटल में बीमारी के चलते भर्ती हुए थे. अब करीब 21 दिनों के बाद आसिफ बताते हैं कि उन्होंने आखिरकार स्मोकिंग छोड़ दी है.
कल्पना करिए कि जब एक विधायक की इस तरह की बातचीत एक पंचायत सचिव कर रहा है तो इन जनप्रतिनिधियों की हालत डीएम और एसपी के आगे क्या होती होगी? और जब जनप्रतिनिधि की ये स्थिति है तो आम नागरिकों की हालत क्या होती होगी? सरकारी महकमे से साधारण प्रमाण पत्र प्राप्त करना कितना कठिन होता, यह किसी से छुपा नहीं है.
पंचायत फेम तृप्ति साहु ने टीवी इंडस्ट्री को लेकर एक शॉकिंग खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि यहां लोग गोरेपन को लेकर ऑब्सेस्ड हैं. उन्होंने इस दौरान कहा कि जब तक लोग खुद को अंदर से एक्सेप्ट नहीं करेंगे, तब तक कोई ट्रीटमेंट काम नहीं करेगा.
पंचायत फेम तृप्ति साहु ने टीवी इंडस्ट्री को लेकर एक शॉकिंग खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि यहां लोग गोरेपन को लेकर ऑब्सेस्ड हैं.
तृप्ति ने बताया कि वो पिछले 10 साल से ऑडिशन दे रही हैं. लेकिन ज्यादातर स्किन टोन की वजह से रिजेक्ट हुई हैं. उन्हें ये कहकर मना कर दिया जाता कि वो अमीर नही लगतीं.