धमाकेदार स्टार सनी देओल की धाकड़ मसाला फिल्में और धुआंधार परफॉरमेंस 80 के दशक से ही थिएटर्स में राज करती रही हैं. सनी के ट्रेडमार्क अंदाज में से एक है उनकी लेजेंड्री दहाड़! घायल, घातक, गदर से लेकर जाट और बॉर्डर 2 तक सनी की दहाड़ फैंस का ऑल-टाइम फेवरेट मोमेंट रही है. सनी की दहाड़ का असर ऐसा था कि हिंदी सिनेमा के सबसे दमदार एक्टर्स में से एक, स्वर्गीय इरफान खान ने इसी की टेंशन में फिल्म राइट या रॉन्ग (2010) ऑलमोस्ट छोड़ दी थी. इस फिल्म के डायरेक्टर नीरज पाठक ने अब खुद ये बेहद दिलचस्प किस्सा सुनाया है.
इरफान ने पहले छोड़ दी थी सनी के साथ फिल्म
रणदीप हुड्डा के साथ नीरज पाठक की सुपरहिट वेब सीरीज इन्स्पेक्टर अविनाश का सीजन 2 हाल ही में रिलीज हुआ है. शो का प्रमोशन कर रहे नीरज ने सनी देओल और इरफान खान की फिल्म राइट या रॉन्ग के बारे में एक मजेदार याद ताजा की है.
नीरज ने बॉलीवुड हंगामा को बताया कि उन्होंने साल 2007 में एक स्क्रिप्ट लिखी थी, जिसके बाद सनी देओल उनके साथ दोबारा काम करना चाहते थे. सनी को नीरज की जो अगली स्क्रिप्ट पसंद आई, वो राइट या रॉन्ग ही थी. सनी ने जब नीरज से पूछा कि इस दो हीरो वाली फिल्म के लिए उनके दिमाग में दूसरा नाम किसका है, तो उन्होंने इरफान खान या के के मेनन का नाम लिया था.
दूरदर्शन के मशहूर सीरियल 'अनुगूंज' में इरफान खान के साथ काम कर चुके नीरज, तुरंत स्क्रिप्ट लेकर उनके पास पहुंच गए. नीरज ने बताया, 'हमने साथ में 26 एपिसोड किए थे. मैंने तब इरफान से वादा किया था कि मैं जब भी अपनी पहली फिल्म बनाऊंगा, उन्हें हीरो लूंगा.'
'सनी जोर से चिल्ला देंगे तो मेरा रोल कमजोर हो जाएगा'
इरफान को नीरज की स्क्रिप्ट तो बहुत पसंद आई थी, लेकिन उनके दिमाग में एक अलग ही टेंशन चल रही थी. नीरज ने बताया, 'इरफान ने मुझसे कहा— भाई तुम सनी देओल के दोस्त और फेवरेट हो. वो इतने बड़े स्टार और एक्टर हैं. मान लो अगर वो सेट पर या सीन में जोर से चिल्ला देंगे, तो मेरा किरदार तो वैसे भी कमजोर हो जाएगा. और तुम डायरेक्टर होने के नाते उन्हें ही फेवर करोगे.'
नीरज ने इरफान को पूरा भरोसा दिलाया कि वो सनी की दोस्ती को दिमाग में रखकर काम नहीं करेंगे, बल्कि स्क्रिप्ट के साथ न्याय करेंगे, लेकिन इरफान फिर भी नहीं माने. इसके बाद नीरज, के के मेनन के पास पहुंचे, जिन्हें स्क्रिप्ट और अपना किरदार दोनों बेहद पसंद आए. लेकिन नीरज ने मेनन को फाइनल करने से पहले एक बार फिर इरफान को फोन घुमाया और कहा, 'अब मैं के के मेनन के पास जा रहा हूं और उन्हें फाइनल कर लूंगा.' तब इरफान ने उन्हें फौरन मिलने के लिए बुला लिया.
इरफान ने फिल्म क्रेजी 4 के सेट पर नीरज की स्क्रिप्ट दोबारा सुनी और बोले, 'स्क्रिप्ट तो तेरी बहुत फाड़ू है!' जब नीरज ने दोबारा भरोसा दिलाया कि वो कहानी के हिसाब से ही फिल्म बनाएंगे और सनी उनका कोई रोल नहीं कटवाएंगे, तब जाकर वो राजी हुए. साल 2010 में आई राइट या रॉन्ग को क्रिटिक्स से काफी पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला था और इसी फिल्म से नीरज पाठक को बतौर डायरेक्टर बॉलीवुड में एक मजबूत पहचान मिली थी.
इरफान खान भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन नीरज की पहली फिल्म के दूसरे दमदार एक्टर सनी देओल आज भी बड़े पर्दे पर उतने ही धाकड़ बने हुए हैं. सनी के फैंस के लिए बता दें कि उनकी मच-अवेटेड फिल्म बंटवारा 1947 इस साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर, 13 अगस्त को थिएटर्स में धमाल मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है.