'कांटे', 'जिंदा', 'मुसाफिर' और 'शूटआउट एट वडाला' जैसी फिल्मों के लिए मशहूर फिल्ममेकर संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन हो गया है. खबरों के मुताबिक, शुक्रवार रात संजय गुप्ता अपने बाथरूम में गिर गए थे, लेकिन शनिवार सुबह तक किसी को इसका पता नहीं चला.
संजय गुप्ता ने 1994 में फिल्म 'आतिश' से बतौर डायरेक्टर अपने करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में संजय दत्त, आदित्य पंचोली, रवीना टंडन, करिश्मा कपूर और अतुल अग्निहोत्री लीड रोल में थे. इसके बाद उन्होंने 'राम शास्त्र', 'हमेशा', 'जंग' और 'खौफ' जैसी फिल्मों का डायरेक्शन किया. लेकिन उन्हें असली पहचान 2002 में रिलीज हुई मल्टी-स्टारर फिल्म 'कांटे' से मिली.
काफी बेबाक रहे संजय गुप्ता
संजय गुप्ता सिर्फ अपनी फिल्मों की वजह से ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर अपनी बेबाकी की वजह से भी जाने जाते थे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X हो या कोई पॉडकास्ट वो फिल्मी दुनिया से जुड़े मुद्दे पर बेबाकी से बात कहते थे. उनकी आखिरी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी पोस्ट सिंगर दलेर मेहंदी के लिए थी. जिसमें उन्होंने सिंगर का खुलकर सपोर्ट किया था.
संजय गुप्ता ने मीका सिंह को टैग करते हुए लिखा था, 'मीका सिंह, दलेर पाजी मेरे भी बड़े भाई हैं, जिनके लिए मेरे मन में बहुत प्यार, आदर और सम्मान है. वे संगीत की दुनिया के एक बहुत बड़े कलाकार हैं और वे निश्चित रूप से बिना किसी शर्त के माफी पाने के हकदार हैं.'
सरकार पर भी कसा तंज
फिल्म इंडस्ट्री से अलग संजय गुप्ता देश में चल रही राजनीतिक हलचल पर भी नजर रखते थे. 5 अक्टूबर को उन्होंने एक पोस्ट किया था, जिसमें सत्ता पर उन्होंने इशारों-इशारों में हमला बोला था. उन्होंने पोस्ट कर लिखा, '2047 के लिए बहुत कुछ वादा किया जा रहा है. बस ऊपर वाले से दुआ है कि तब तक जिंदा रखना हम सब को. खास कर वो सब जो ये हसीन सपना दिखा रहे हैं.' बदकिस्मती से आज यानी 31 अक्टूबर को उनके निधन की खबर ने सभी को हैरान दिया है.
इससे पहले उन्होंने ये भी लिखा था कि अगले तीन साल का पता नहीं, और सब लोग इस बारे में बात कर रहे हैं कि 2047 में हम कहां होंगे. क्या नैरेटिव है!!'
देश में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी संजय गुप्ता ने अपनी बात रखी थी. उन्होंने कहा था, 'विरोध-प्रदर्शन तो होंगे ही! उन्हें रोकने की कोशिश करने से हालात और बिगड़ जाते हैं. हम अपनी गलतियों से सबक क्यों नहीं लेते??'
सिगरेट पीते एक्टर्स पर साधा निशाना
संजय गुप्ता ने बीते महीने लीड एक्टर की ऑन-स्क्रीन इमेज और प्रमोशन के लिए स्मोकिंग पर लगातार निर्भरता पर सवाल उठाया था. जिसमें उन्होंने एक कोलाज शेयर किया था, जिसमें रणबीर कपूर (एक्शन ड्रामा 'एनिमल' में), रणवीर सिंह (थ्रिलर 'धुरंधर' में) और विक्की कौशल ( अपकमिंग पीरियड ड्रामा 'लव एंड वॉर' में) अपने-अपने किरदारों के लुक में स्मोकिंग करते हुए दिखाए गए थे.
उन्होंने सवाल उठाते हुए लिखा था, 'जब फिल्मों के पोस्टर ऐसे होते हैं, तो फिर फिल्मों से पहले और उनके दौरान दिखाए जाने वाले उन 'धूम्रपान-विरोधी' वीडियो का क्या मतलब है, जिन्हें हमें झेलना पड़ता है?'
इसके अलावा उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के नए एक्टर्स पर भी सवाल उठाया था. साइरस ब्रोचा के पॉडकास्ट में संजय गुप्ता का कहना था कि पहले के टाइम में एक्टर्स के पास सिर्फ एक मेकअप मैन और एक स्पॉट बॉय होता था. लेकिन आजकल हर एक्टर अपने साथ करीब 10 लोगों को रखता है, जिसके लिए वो सेट पर छह वैनिटी वैन अलग-अलग कारणों के चलते प्रोड्यूसर्स से डिमांड करते हैं.