दिल्ली में 30 अक्टूबर की शाम दिलजीत दोसांझ ने अपने कॉन्सर्ट के जरिए खास बनाई. औरा इंडिया टूर 2026 के जरिए उन्होंने अपने लाखों फैंस को एंटरटेन किया. दिलजीत ने शो के दौरान अपनी आलोचनाओं पर भी बात की. उन्होंने CJP प्रोटेस्ट और फिल्म सतलुज पर उठे सवालों का जवाब दिया.
कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत दोसांझ ने अपने उस बयान पर बात की, जब उन्होंने NEET पेपर लीक में हुए आंदोलन पर कहा कि उन्हें इस मुद्दे से दूर रखें क्योंकि वो एक आर्टिस्ट हैं. इसके बाद उनकी तगड़ी आलोचना हुई थी. कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके ने दिलजीत पर निशाना भी साधा था.
CJP पर दिलजीत ने साधा निशाना
अब इस विवाद पर दिलजीत ने सीधा CJP को निशाना साधते हुए कहा- मैं आप सभी से प्यार करता हूं, क्योंकि मैं एक आर्टिस्ट हूं. मैं चुप हूं, तो मुझे चुप ही रहने दो. मैं आप सभी का समर्थन करता हूं, लेकिन पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ. जिस फिल्म का आप स्टेज पर मजाक उड़ा रहे हैं, जसवंत सिंह खालड़ा की उस फिल्म के लिए हमने लंबे समय तक लड़ाई लड़ी है. मैं आप सभी से प्यार करता हूं. अगर कोई हमसे नफरत करता है, तो कोई बात नहीं, लेकिन मैं आप सभी से प्यार करता हूं.
दिलजीत दोसांझ की बातें अभिजीत दिपके तक भी पहुंची हैं, और उन्होंने सिंगर के बयान पर रिएक्ट किया है.
दिलजीत की बातों पर क्या बोले अभिजीत?
अभिजीत ने दिलजीत की आलोचना को लेकर अपनी सफाई में लिखा- पाजी, जून में जब हम प्रोटेस्ट कर रहे थे, तब आपकी एक बात से मुझे थोड़ा बुरा लगा था. ऐसा नहीं था कि मेरे मन में आपके लिए कोई निजी नाराजगी थी, बल्कि इसलिए क्योंकि मैंने हमेशा आपको ऐसे इंसान के तौर पर देखा है, जो किसी मुद्दे के लिए आवाज उठाता है, जैसा कि आपने खुद भी कहा था.
'सच कहूं तो मैं हमेशा से आपका फैन रहा हूं और आज भी हूं. मैं आज भी आपका म्यूजिक सुनता हूं. इस साल मई में, भारत वापस आने से ठीक पहले मैं शिकागो में आपके कॉन्सर्ट में भी आया था. सिर्फ आपका म्यूजिक सुनने के लिए नहीं, बल्कि इसलिए भी क्योंकि एक इंसान के तौर पर मेरे मन में आपके लिए हमेशा बहुत सम्मान रहा है.
अभिजीत ने दिलजीत की तारीफ में आगे लिखा- आपका बेबाक अंदाज, अपनी बात पर कायम रहना और अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भारत को ग्लोबल स्टेज पर पहचान दिलाना, ये सारी चीजें मुझे हमेशा से पसंद रही हैं. शायद इसी वजह से उस वक्त आपकी बात थोड़ी चुभ गई, क्योंकि मैंने आपको हमेशा बहुत ऊंची नजर से देखा है.
'लेकिन किसी एक बात पर असहमति या किसी गलतफहमी की वजह से मेरे मन में आपके लिए सम्मान और प्यार कम नहीं हुआ है. बाकी पाजी, छोटे भाई को समझकर मिट्टी डाल देना. और आखिर में बस इतना कहना चाहूंगा कि गबरू तां वैरी नूं वी मिठ्ठा बोलदा, नी तू तां फेर जट्ट दा प्यार गोरीए.'